Chaibasa : चाईबासा जिले के गुवा क्षेत्र में सेल प्रबंधन के खिलाफ 12 गांवों के ग्रामीणों का आंदोलन अब तेज हो गया है। पिछले 72 घंटों से चल रही भूख हड़ताल ने गुरुवार को नया मोड़ ले लिया, जब पूर्व मुख्यमंत्री Madhu Koda आंदोलन स्थल पर पहुंचे और ग्रामीणों की मांगों का खुलकर समर्थन किया। मधु कोड़ा ने कहा कि अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। स्थानीय लोगों को रोजगार और उनके अधिकारों में प्राथमिकता देनी होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर मांगें पूरी नहीं हुईं तो 20 अप्रैल से अनिश्चितकालीन चक्का जाम शुरू किया जाएगा।
जमीन गई, लेकिन नहीं मिला हक
ग्रामीणों का कहना है कि सेल की खनन परियोजनाओं के लिए उनकी जमीन बड़े पैमाने पर ली गई, लेकिन इसके बदले उन्हें न तो पर्याप्त रोजगार मिला और न ही उचित मुआवजा। कई सालों से सिर्फ वादे किए जा रहे हैं, लेकिन हालात में कोई सुधार नहीं हुआ है।
खेती और पानी पर संकट
आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि खदानों से निकलने वाला लाल और प्रदूषित पानी खेतों में फैल रहा है, जिससे जमीन बंजर होती जा रही है। इसका सीधा असर खेती और आजीविका पर पड़ रहा है। वहीं कारो नदी के प्रदूषित होने से पीने के पानी और सिंचाई की समस्या भी गंभीर हो गई है।
स्थानीय युवाओं में नाराजगी
ग्रामीणों का आरोप है कि स्थानीय युवाओं को रोजगार में नजरअंदाज किया जा रहा है, जबकि बाहरी लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है। इससे बेरोजगारी और पलायन दोनों बढ़ रहे हैं। मुंडा-मानकी नेतृत्व में चल रहे इस आंदोलन में अब तक न तो प्रशासन का कोई प्रतिनिधि पहुंचा है और न ही कंपनी प्रबंधन का, जिससे लोगों में नाराजगी और बढ़ गई है।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
ग्रामीणों ने साफ कहा है कि अगर जल्द समाधान नहीं निकला तो खनन और परिवहन पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। इससे गुवा क्षेत्र की औद्योगिक गतिविधियों पर बड़ा असर पड़ सकता है। फिलहाल इलाके में तनाव बना हुआ है और सभी की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है।
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