Deoghar : जिले में अपराध पर लगाम कसने के लिए देवघर पुलिस अब और सख्त होती दिख रही है। बुधवार को आयोजित मासिक अपराध गोष्ठी में SP सौरभ ने साफ निर्देश दिया कि खतरनाक अपराधियों का हर सप्ताह फिजिकल वेरिफिकेशन किया जाए, ताकि उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा सके।
क्राइम मीटिंग में सख्त निर्देश
इस बैठक में जिले के सभी थाना प्रभारी, डीएसपी और एसडीपीओ मौजूद रहे। एसपी ने कहा कि कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए हर थाना अपने स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाए। साथ ही पुलिस कर्मियों और खबरियों को भी ट्रेनिंग देने पर जोर दिया गया।
अपराधियों को तीन श्रेणी में बांटने का आदेश
एसपी सौरभ ने अपराधियों को उनके अपराध के आधार पर तीन कैटेगरी में बांटने का निर्देश दिया।
- श्रेणी A: सबसे खतरनाक अपराधी
- श्रेणी B: मध्यम स्तर के अपराधी
- श्रेणी C: छोटे अपराधों में शामिल लोग
उन्होंने कहा कि श्रेणी A में आने वाले अपराधियों पर विशेष निगरानी रखी जाए।
लंबित मामलों के निपटारे पर जोर
बैठक में लंबित मामलों को जल्द निपटाने पर भी खास फोकस रहा। एसपी ने थाना प्रभारियों को निर्देश दिया कि पुराने मामलों को तेजी से निष्पादित करें, ताकि अपराधी कानून की ढिलाई का फायदा न उठा सकें।
फरार अपराधियों पर सख्त कार्रवाई
एसपी ने कहा कि जो अपराधी फरार हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। जरूरत पड़ने पर उनकी संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया भी अपनाई जाए, ताकि अपराधियों पर दबाव बनाया जा सके।
साइबर अपराध पर भी फोकस
देवघर में बढ़ते साइबर अपराध को देखते हुए एसपी ने पुलिस को तकनीकी रूप से मजबूत बनने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधियों पर नजर रखने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल जरूरी है।
अपराध नियंत्रण की बड़ी चुनौती
फिलहाल देवघर में साइबर अपराध और अन्य आपराधिक गतिविधियां चुनौती बनी हुई हैं। ऐसे में पुलिस की इस नई रणनीति से अपराध पर कितना नियंत्रण होता है, यह आने वाले दिनों में साफ होगा।
Also Read : नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर उत्साह, महिलाओं ने रांची में निकाली स्कूटी रैली

