Latehar : लातेहार जिला स्थापना दिवस के 25 साल पूरे होने पर राहुल सिंह ने जिलेवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि 4 अप्रैल 2001 को पलामू से अलग होकर बना लातेहार आज 25 साल का सफर पूरा कर चुका है। उन्होंने जिले की पहचान उसकी खूबसूरत वादियों, घने जंगलों, नेतरहाट की पहाड़ियों और मेहनती लोगों से जोड़ते हुए कहा कि यहां के लोगों में संघर्ष और आगे बढ़ने का जज्बा है।

विकास की उम्मीदें, लेकिन हकीकत कड़वी
राहुल सिंह ने कहा कि जब लातेहार अलग जिला बना था, तब लोगों को उम्मीद थी कि गांवों तक सड़क पहुंचेगी, अस्पतालों में डॉक्टर होंगे और स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक मिलेंगे। लेकिन 25 साल बाद भी कई जगह हालात नहीं बदले हैं। उन्होंने खास तौर पर शिक्षा व्यवस्था पर चिंता जताई।
स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी
उन्होंने कहा कि जिले के कई सरकारी स्कूल आज भी बिना शिक्षकों के चल रहे हैं। बच्चे स्कूल तो जाते हैं, लेकिन पढ़ाने वाला कोई नहीं होता। कहीं एक ही शिक्षक पूरे स्कूल को संभाल रहा है, तो कहीं वर्षों से पद खाली पड़े हैं। उन्होंने इसे बेहद चिंताजनक बताते हुए सवाल उठाया कि आखिर इतने साल बाद भी शिक्षा जैसी बुनियादी जरूरत अधूरी क्यों है।
“मैं खुद करूंगा व्यवस्था”, राहुल सिंह का वादा
राहुल सिंह ने ऐलान किया कि अब कोई भी बच्चा शिक्षक के अभाव में पढ़ाई से वंचित नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि अगर सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी है, तो वह खुद इसकी व्यवस्था करेंगे और उसका खर्च भी उठाएंगे।
युवाओं को मिलेगा मौका
उन्होंने जिले के पढ़े-लिखे युवाओं से अपील की कि वे उनसे संपर्क करें। उन्हें बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी दी जाएगी और शिक्षक के रूप में तैयार किया जाएगा। इससे जहां बच्चों को शिक्षा मिलेगी, वहीं युवाओं को सम्मानजनक काम भी मिलेगा।
जरूरतमंदों के साथ खड़े रहने का भरोसा
राहुल सिंह ने कहा कि अगर किसी बहन की शादी पैसों की कमी की वजह से रुक रही है, तो उसकी जिम्मेदारी भी वह उठाएंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि लातेहार का कोई भी व्यक्ति परेशानी में रहेगा तो वह चुप नहीं बैठेंगे।
“लातेहार मेरा परिवार है”
अपने संदेश के अंत में उन्होंने कहा कि लातेहार उनका परिवार है और यहां के हर बच्चे का उज्ज्वल भविष्य बनाना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि जो भी जरूरतमंद है, वह उनसे संपर्क करे, वह हमेशा लोगों के साथ खड़े रहेंगे।
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