Ranchi : उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने IIM रांची के 15वें दीक्षांत समारोह के दौरान शहर की सड़कों की खराब हालत पर खुलकर चिंता जताई। अपने संबोधन में उन्होंने नगर विकास सह उच्च तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार से सीधे कहा, “मंत्री जी, सड़क में बहुत गड्ढे हैं, इसे ठीक कराइए।” उनकी इस बात पर सभागार में मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर समर्थन जताया।


IIM जाने वाली सड़क की हालत पर खास चिंता
उपराष्ट्रपति ने खास तौर पर अरगोड़ा चौक से पुंदाग होते हुए IIM रांची तक जाने वाली सड़क का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि रांची में पिछले कुछ वर्षों में कई फ्लाईओवर और सड़कें बनी हैं, लेकिन इतने प्रतिष्ठित संस्थान तक पहुंचने वाली सड़क की हालत बेहद खराब है। उनका कहना था कि ऐसी सड़कों से शहर की छवि पर भी असर पड़ता है।
6 किलोमीटर में 200 से ज्यादा गड्ढे
कार्यक्रम के बाद जब इस सड़क की पड़ताल की गई, तो तस्वीर और भी चिंताजनक निकली। IIM रांची से अरगोड़ा चौक तक करीब 6 किलोमीटर के रास्ते में 200 से ज्यादा गड्ढे पाए गए। सबसे खराब हालत ISM चौक से अरगोड़ा मुक्तिधाम पुल के बीच देखने को मिली, जहां सड़क कई जगह पूरी तरह उखड़ चुकी है।
धूल, गंदा पानी और टूटे रास्ते से परेशानी
इस मार्ग पर चलना वाहन चालकों के लिए काफी मुश्किल भरा हो गया है। जगह-जगह धूल उड़ती है और कई स्थानों पर नाले का गंदा पानी सड़क पर बहता दिखा। पुल के पहले सड़क पूरी तरह खराब है, जबकि पुल से पेट्रोल पंप तक दर्जनों बड़े गड्ढे लोगों की परेशानी बढ़ा रहे हैं।
दौरे से पहले जल्दबाजी में की गई मरम्मत
जांच में यह भी सामने आया कि उपराष्ट्रपति के आगमन से ठीक पहले कई गड्ढों को जल्दबाजी में भरा गया था। कहीं ताजा सीमेंट और अलकतरा की परत दिखी, तो कहीं पत्थर डालकर गड्ढों को ढकने की कोशिश की गई। इससे साफ है कि मरम्मत स्थायी नहीं बल्कि औपचारिकता के तौर पर की गई थी।
फोर लेन सड़क की तैयारी, प्रक्रिया शुरू
हालांकि इस समस्या के समाधान के लिए एक बड़ी योजना पर काम शुरू हो चुका है। अरगोड़ा से पुंदाग होते हुए नया सराय रिंग रोड तक फोर लेन सड़क बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। करीब 6.175 किलोमीटर लंबी इस परियोजना में पुल और पुलिया भी बनाए जाएंगे। इसके लिए टुंडुल मौजा में करीब 2.206 एकड़ जमीन अधिग्रहित की जाएगी।
लोगों को बेहतर सड़क का इंतजार
फिलहाल स्थानीय लोग बेहतर सड़क का इंतजार कर रहे हैं। उपराष्ट्रपति के बयान के बाद उम्मीद बढ़ गई है कि अब इस मुद्दे पर तेजी से काम होगा और जल्द ही लोगों को राहत मिलेगी।
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