Ranchi : झारखंड में खाली पड़े गोदाम अब जल्द ही कमाई का जरिया बन सकते हैं। बिहार राज्य भंडार निगम ने राज्य के कई जिलों में कृषि उत्पादन बाजार समिति के अधीन खाली गोदामों को किराए पर लेने का फैसला किया है। इसको लेकर रांची में दोनों राज्यों के अधिकारियों की अहम बैठक भी हो चुकी है।
बैठक में बनी सहमति
बैठक में बिहार राज्य भंडार निगम के प्रबंध निदेशक और झारखंड कृषि उत्पादन बाजार समिति के अध्यक्ष व सचिव शामिल हुए। दोनों पक्षों के बीच इस बात पर सहमति बनी कि खाली पड़े गोदामों का उपयोग किया जाए, जिससे बाजार समिति की आय बढ़ सके।
हजारीबाग, खूंटी और सिमडेगा पर फोकस
फिलहाल हजारीबाग, खूंटी और सिमडेगा में तीन जगह ऐसे गोदाम चिन्हित किए गए हैं, जो लंबे समय से खाली पड़े हैं। इन गोदामों का जल्द निरीक्षण किया जाएगा, जिसके बाद इन्हें किराए पर देने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
किराया दर तय होने की प्रक्रिया जारी
हालांकि अभी तक किराया दर तय नहीं हुई है, लेकिन संभावना है कि करीब 6 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से दर तय की जा सकती है। अंतिम फैसला आपसी सहमति और अनुबंध के आधार पर होगा।
मरम्मत का खर्च उठाएगा बिहार निगम
समझौते के अनुसार गोदाम जिस स्थिति में हैं, उसी हालत में बिहार भंडार निगम को दिए जाएंगे। जरूरत पड़ने पर मरम्मत और सुधार का काम निगम अपने स्तर पर कराएगा।
इसके अलावा अगर गोदाम की क्षमता 2500 मीट्रिक टन से ज्यादा होगी, तो वहां निगम अपना माप-तौल संयंत्र भी लगाएगा।
हर महीने होगा किराए का भुगतान
किराए का भुगतान अनुबंध के अनुसार हर महीने के पहले सप्ताह में किया जाएगा। इसके लिए संबंधित विभाग को बिल प्रस्तुत करना होगा। इससे बाजार समिति को नियमित आय मिलने की उम्मीद है।
दोनों राज्यों के लिए फायदेमंद पहल
यह पहल दोनों राज्यों के लिए फायदेमंद मानी जा रही है। एक तरफ जहां झारखंड के खाली पड़े संसाधनों का उपयोग होगा, वहीं बिहार को भंडारण के लिए अतिरिक्त जगह मिल जाएगी।
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