Jamshedpur : हिमांशु सिंह हत्याकांड मामले में एक और अधिकारी पर गाज गिरने की संभावना दिख रही है. इस मामले में सीसीआर डीएसपी मनोज ठाकुर अब रडार पर है. डीएसपी के खिलाफ अब अनुशासनिक कार्रवाई को लेकर किसी भी समय निर्णय लिया जा सकता है. जमशेदपुर के सिटी एसपी की जांच रिपोर्ट पर यह निर्णय लिया गया है. इस रिपोर्ट के आधार पर रांची जोन के आईजी सह सीआईडी के एडीजी मनोज कौशिक ने डीएसपी मनोज ठाकुर के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई को लेकर पुलिस मुख्यालय से अनुशंसा की है.
सिटी एसपी की जांच रिपोर्ट में गंभीर लापरवाही का आरोप
पुलिस सूत्रों की मानें तो जमशेदपुर के सिटी एसपी द्वारा भेजी गई जांच रिपोर्ट में डीएसपी मनोज ठाकुर पर लापरवाही के आरोप हैं. इसमें लिखा गया है कि बिष्टुपुर में स्थिति बिगड़ने के बावजूद डीएसपी समय पर घटनास्थल पर नहीं पहुंचे. ना ही घटना को लेकर उनकी ओर से कोई कदम उठाया गया. इसके अलावा जांच रिपोर्ट में भी खामियां लिखी गई है, जिससे प्रतीत होता है कि घटना के दिन डीएसपी की लापरवाही के कारण अपराधियों का हौसला बढ़ा और इतनी भी घटना को अंजाम देने में सफल हुए हैं.
बार में हुआ था लफड़ा, फिर पुलिस की मौजूदगी में चापड़ से वार
26 जून की रात हिमांशु सिंह अपने दोस्त के साथ बिष्टुपुर स्थित डबल डाउन बार पहुंचे. इसी दौरान वहां कथित तौर पर महिलाओं से छेड़खानी को लेकर लफड़ा हो गया. हिमांशु और उनके साथी ने इसका विरोध किया, जिसके बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए. देखते ही देखते कहासुनी मारधाड़ में बदल गई. सूचना मिलने पर बिष्टुपुर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची. हिमांशु और उनके साथी पेट्रोलिंग गाड़ी में बैठ गये. इल्जाम है कि पुलिस की मौजूदगी में ही हमलावरों ने दोनों हिमांशु और उनके दोस्त को गाड़ी से बाहर खींच लिया और चापड़ से ताबड़तोड़ वार कर दिया. हिमांशु गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े. उनका साथी भी बुरी तरह जख्मी हो गया. दोनों को अस्पताल ले जाया गया. डॉक्टर उन्हें बचाने की कोशिश करते रहे, लेकिन सोमवार शाम हिमांशु सिंह जिंदगी की जंग हार गए. उनके साथी का इलाज अब भी टाटा मेन हॉस्पिटल में चल रहा है.
हिमांशु सिंह की मौत की खबर फैलते ही जमशेदपुर में माहौल गर्म हो गया. सैकड़ों लोग बिष्टुपुर गोलचक्कर पर पहुंच गए. लोगों ने सड़क जाम कर दी, टायर जलाए और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. प्रदर्शन छह घंटे से ज्यादा चला. लोगों का कहना था कि अगर पुलिस समय पर कार्रवाई करती तो शायद हिमांशु की जान बच सकती थी. विरोध प्रदर्शन के दौरान सिटी एसपी ललित मीणा की गाड़ी पर भी हमला हुआ, जिसमें गाड़ी का शीशा टूट गया. हालात बिगड़ते देख पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा. उधर पुलिस विभाग की जांच में भी पेट्रोलिंग टीम की लापरवाही सामने आई. सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद एएसआई रतन कुमार दास, राजेश कुमार रंजन और कांस्टेबल मनोज कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया.
मामले में डबल डाउन बार के मालिक और भाजपा नेता नीरज सिंह समेत 11 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया. हिमांशु के पिता अरविंद सिंह के बयान पर दर्ज एफआईआर में कई अन्य लोगों को भी नामजद किया गया है. पुलिस ने सोनू राम सरदार और राज लोहार को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि बाकी आरोपियों की तलाश जारी है.
बढ़ते जनआक्रोश को देखते हुए सीएम हेमंत सोरेन ने भी मंगलवार देर रात बड़ा फैसला लिया. जमशेदपुर के एसएसपी पीयूष पांडेय और सरायकेला की एसपी निधि द्विवेदी को उनके पद से हटा दिया गया. दोनों को रांची स्थित मपलिस मुख्यालय से अटैच किया गया है. साथ ही सीआईडी के एडीजी मनोज कौशिक, कोल्हान डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा और कोल्हान प्रमंडल के कमिश्नर को जमशेदपुर में कैंप कर पूरे मामले की निगरानी का जिम्मा सौंपा गया.
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