
श्रद्धा के साथ किया पूजन
मुख्यमंत्री ने मंदिर में पूरे विधि-विधान से पूजा की। इस दौरान उन्होंने भगवान श्रीराम के चरणों में शीश नवाकर राज्यवासियों के बेहतर भविष्य, शांति और खुशहाली की प्रार्थना की। उनके साथ मौजूद कल्पना सोरेन ने भी पूजा-अर्चना में हिस्सा लिया।
मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
रामनवमी के अवसर पर तपोवन मंदिर में पहले से ही हजारों श्रद्धालु मौजूद थे। जैसे ही मुख्यमंत्री पहुंचे, मंदिर परिसर में जय श्रीराम के जयकारे गूंजने लगे। मुख्यमंत्री ने भी श्रद्धालुओं का अभिवादन स्वीकार किया और कुछ देर तक मंदिर परिसर में मौजूद रहे।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
सीएम के आगमन को लेकर मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल की तैनाती के साथ पूरे क्षेत्र पर नजर रखी जा रही थी, ताकि किसी तरह की परेशानी न हो।
रामनवमी को बताया एकता का पर्व
इस मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि भगवान श्रीराम हम सभी के आदर्श हैं। उन्होंने कहा कि रामनवमी सिर्फ एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि यह आपसी एकता, भाईचारे और सौहार्द का प्रतीक है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं।
समाज के कल्याण का दिया संदेश
सीएम ने कहा कि अगर हम भगवान श्रीराम के जीवन मूल्यों को अपनाते हैं, तो इससे पूरे समाज और मानवता का भला होगा। उन्होंने राज्य के सभी लोगों की उन्नति, शांति और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हुए रामनवमी की शुभकामनाएं दीं।
भक्ति और परंपरा का दिखा संगम
रामनवमी के मौके पर तपोवन मंदिर में भक्ति और परंपरा का अनोखा संगम देखने को मिला। श्रद्धालु पूजा-अर्चना के साथ इस पर्व को पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मना रहे हैं, जिससे पूरा माहौल राममय हो गया है।