Ranchi : झारखंड रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय का स्थायी भवन खूंटी में बनना था। जून 2018 में शुरू हुए इस प्रोजेक्ट को मई 2020 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन दिसंबर 2022 तक निर्माण कार्य स्थगित हो गया और जुलाई 2021 में इसे पूरी तरह बंद कर दिया गया। अब तक इस आधे-अधूरे भवन पर राज्य सरकार ने 12.10 करोड़ रुपये खर्च कर दिए हैं, लेकिन निर्माण अधूरा है।
अन्य परियोजनाओं में भी रुकी प्रगति
CAG की रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ है कि झारखंड भवन निर्माण कारपोरेशन लिमिटेड की छह अन्य परियोजनाओं में 13.32 करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद निर्माण विभिन्न कारणों से रुका हुआ है। पिठौरिया स्थित सुतियांबे पहाड़ के विकास कार्य में अक्टूबर 2017 तक केवल आठ प्रतिशत काम हुआ और कारपोरेशन ने इस पर 2.16 करोड़ रुपये खर्च किए।
काम रुकने के पीछे कारण
रिपोर्ट के अनुसार, राज्य सरकार ने विश्वविद्यालय के लागू पाठ्यक्रम के पुनर्मूल्यांकन के निर्देश दिए थे। इस वजह से स्थायी परिसर के निर्माण को स्थगित किया गया ताकि विश्वविद्यालय की वास्तविक ज़रूरत का आकलन किया जा सके। विभाग से कोई आगे के निर्देश न मिलने के कारण केवल 19 प्रतिशत काम पूरा हुआ और उसके बाद निर्माण बंद हो गया।
ठेकेदार और बिल भुगतान की स्थिति
अगस्त 2020 में ठेकेदार ने 58 प्रतिशत काम पूरा करने का दावा किया और बिल भुगतान की मांग की। कारपोरेशन ने काम एक माह में पूरा करने की शर्त पर बिल का भुगतान किया, लेकिन शर्त पूरी न होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। परिणामस्वरूप अधूरी संरचना अब तीन साल से अधिक समय से बेकार पड़ी है।
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