Ranchi : रांची में राष्ट्रीय लोक अदालत के मौके पर सुजीत नारायण प्रसाद ने व्यवहार न्यायालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने न्यायालय की कार्यप्रणाली की जानकारी ली और अधिकारियों के साथ बातचीत कर कई जरूरी निर्देश भी दिए। इस दौरान उन्होंने मोटर वाहन दुर्घटना से जुड़े मामलों में पीड़ितों के बीच मुआवजे के चेक भी वितरित किए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अनिल कुमार मिश्रा से भी बातचीत की और अदालत के कामकाज को और बेहतर तरीके से चलाने को लेकर सुझाव दिए।
बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में लगा जेल अदालत
इसके बाद रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय जेलमें जेल अदालत का आयोजन किया गया। इस दौरान कुल 16 मामलों को अदालत के सामने रखा गया। सुनवाई के बाद 6 बंदियों को राहत देते हुए उन्हें रिहा कर दिया गया। जेल अदालत के जरिए बंदियों को जल्दी न्याय दिलाने की कोशिश की जाती है, जिससे छोटे मामलों में लंबे समय से जेल में बंद लोगों को राहत मिल सके।
कैदियों के खाने की गुणवत्ता की भी हुई जांच
जेल अदालत के दौरान कैदियों के लिए बन रहे शाम के खाने की भी जांच की गई। मौजूद न्यायिक पदाधिकारियों ने खुद खाना चखकर उसकी गुणवत्ता का जायजा लिया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कैदियों को सही और बेहतर भोजन मिल रहा है।
स्वास्थ्य जांच शिविर और विधिक जागरूकता कार्यक्रम
इस मौके पर जेल में बंद कैदियों के लिए मेडिकल जांच शिविर भी लगाया गया। इसमें कई बंदियों ने अपने स्वास्थ्य की जांच कराई। साथ ही कैदियों को उनके कानूनी अधिकारों के बारे में जानकारी देने के लिए विधिक जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इस दौरान बंदियों की समस्याएं भी सुनी गईं और उनके समाधान के लिए जरूरी कदम उठाने की बात कही गई।
जरूरतमंद कैदियों से लिए गए लीगल एड के आवेदन
कार्यक्रम के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) की ओर से जरूरतमंद कैदियों से मुफ्त कानूनी सहायता के लिए आवेदन भी लिए गए। इस अवसर पर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एस.बी. शर्मा, डालसा सचिव राकेश रौशन, न्यायिक दंडाधिकारी अर्चना कुमारी, सार्थक शर्मा, रितविका सिंह सहित कई न्यायिक अधिकारी, जेल अधीक्षक और अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
Also Read : चाईबासा में अज्ञात वाहन की टक्कर से महिला की मौत, गुस्साए ग्रामीणों ने NH-75E जाम किया


