Garhwa : गढ़वा पुलिस ने बिजका साप्ताहिक बाजार में हुए चर्चित दीपक चौधरी हत्याकांड का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में दो शूटर समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए लोगों में शूटर विजय सिंह, जेठु सिंह और बजरंगी चौधरी शामिल हैं। पुलिस अब मुख्य साजिशकर्ता सूर्यदेव चौधरी की तलाश में जुटी है।
पांच एकड़ जमीन बना खूनी विवाद की जड़
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस हत्या के पीछे पांच एकड़ जमीन का पुराना झगड़ा था। फकिराडीह गांव के रहने वाले दीपक चौधरी सब्जी बेचकर अपना परिवार चलाते थे। बीते 25 फरवरी को बिजका बाजार में दिनदहाड़े उन्हें गोली मार दी गई थी। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी। मृतक के भाई राकेश चौधरी के बयान पर भंडरिया थाना में मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद पुलिस ने तेजी से जांच शुरू की।
बिना बंटवारे जमीन की खरीद से बढ़ा विवाद
जांच में पता चला कि मुख्य आरोपी सूर्यदेव चौधरी ने बिना जमीन का बंटवारा हुए ही मृतक के गोतिया से जमीन खरीद ली थी। वह उस जमीन पर कब्जा करना चाहता था। दूसरी तरफ दीपक और उनके पिता उस जमीन पर अपना हक छोड़ने को तैयार नहीं थे। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में लंबे समय से तनाव चल रहा था।
एक लाख रुपये में तय हुई हत्या
पुलिस के अनुसार सूर्यदेव चौधरी ने दीपक को रास्ते से हटाने के लिए शूटरों से एक लाख रुपये में सौदा किया। योजना बनाई गई कि बाजार में भीड़ का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम दिया जाएगा ताकि पहचान करना मुश्किल हो।
दिनभर रेकी, शाम को चली गोली
घटना वाले दिन सूर्यदेव चौधरी और बजरंगी चौधरी ने शूटरों के साथ मिलकर पूरे दिन दीपक की गतिविधियों पर नजर रखी। जैसे ही शाम को बाजार खत्म होने लगा और दीपक अपना सामान समेट रहे थे, उसी समय शूटरों ने भरठुआ बंदूक से तीन छर्रे दाग दिए। गोली लगते ही दीपक मौके पर गिर पड़े और उनकी मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे।
मोबाइल से किया गया एडवांस भुगतान
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि हत्या के बाद सूर्यदेव चौधरी ने शूटर विजय सिंह को बीस हजार रुपये मोबाइल के जरिए ट्रांसफर किए थे। बाकी रकम बाद में देने की बात तय थी।
एसडीपीओ के नेतृत्व में बनी थी विशेष टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी के निर्देश पर एसडीपीओ रोहित रंजन सिंह के नेतृत्व में विशेष छापेमारी दल बनाया गया। तकनीकी साक्ष्य और स्थानीय सूचना के आधार पर पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि फरार मुख्य आरोपी की तलाश जारी है और जल्द ही उसे भी पकड़ लिया जाएगा। इस खुलासे के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली है, वहीं इलाके के लोगों में अब भी घटना को लेकर चर्चा बनी हुई है।

