Johar Live Desk : मोशन सिकनेस, जिसे अक्सर हम “कार सिकनेस” भी कहते हैं, कभी-कभी छोटी-सी ट्रिप को भी परेशान कर देती है। ये तब होता है जब आपके दिमाग को आपके कान, आंख और शरीर से अलग-अलग सिग्नल मिलते हैं। मसलन, कार में बैठते ही आपके कान को हलचल महसूस होती है, लेकिन अगर आपकी आंखें किसी किताब या फोन पर टिक जाएँ, तो दिमाग कन्फ्यूज हो जाता है। इसका नतीजा? चक्कर, जी मिचलाना, सिरदर्द, ठंडा पसीना और कभी-कभी उल्टी। सीडीसी यानी रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र के मुताबिक, ये कोई गंभीर बीमारी नहीं है, लेकिन बार-बार यात्रा करते समय ये आपकी कम्फर्ट को बुरी तरह प्रभावित कर सकती है। लेकिन कुछ आसान आदतों और ट्रिक्स से मोशन सिकनेस को काफी हद तक रोका जा सकता है।
- सही सीट चुनना जरूरी है : आप कहां बैठते हैं, इसका असर आपके शरीर पर काफी पड़ता है।
- कार में: आगे की पैसेंजर सीट पर बैठें। रोड देख पाने से दिमाग को हलचल का अंदाजा लगाना आसान होता है।
- बस या ट्रेन में: पहियों के ऊपर या बीच वाली सीटें सबसे कम हिलती हैं।
- नाव में: बीच का हिस्सा सबसे स्थिर होता है।
सही सीट चुनना आपके ट्रिप को काफी आरामदायक बना सकता है।
- किसी स्थिर चीज़ पर ध्यान दें : मोशन सिकनेस तब होता है जब आंखों और कान से मिलने वाले सिग्नल मेल नहीं खाते।
- दूर की कोई स्थिर चीज़ देखें।
- किताब, फोन या टैबलेट पर ध्यान मत लगाएं, क्योंकि ये आपके दिमाग को और कन्फ्यूज़ कर सकते हैं।
दूर की चीज़ पर फोकस करने से दिमाग और शरीर की “सिंकिंग” आसान हो जाती है।
- थोड़ी ताजी हवा लें : ताजी, ठंडी हवा भी आपके लक्षण कम कर सकती है।
- खिड़कियां खोलें और ठंडी हवा अंदर आने दें।
- एयर कंडीशनिंग का इस्तेमाल ज़्यादा न करें।
- ताजी हवा शरीर को ठंडा रखती है और मतली को कम करती है।
- हल्का खाएं : भारी या ज्यादा फैटी खाना पेट को परेशान कर सकता है और मतली बढ़ा सकता है।
- ट्रिप से पहले और दौरान हल्का खाएं।
- क्रैकर्स, टोस्ट, केले या नट्स जैसे हल्के स्नैक्स सबसे अच्छे हैं।
- अदरक की मदद लें : अदरक नैचुरल तरीके से मतली कम करता है।
- अदरक की चाय, कैंडी या चबाने वाली चीज़ें ट्रिप से पहले और दौरान ले सकते हैं।
- हाइड्रेटेड रहें : पानी की कमी से लक्षण और बिगड़ सकते हैं।
- पूरे सफर में छोटे-छोटे घूंट पिएं।
- शराब और ज्यादा कैफीन से बचें।
- जरूरत पड़ने पर दवा लें : अगर मोशन सिकनेस बार-बार हो रही है:
- डाइमेनहाइड्रिनेट या मेक्लिजिन जैसी दवा मदद कर सकती है।
- डॉक्टर स्कोपोलामाइन पैच जैसे ज्यादा असरदार उपाय भी सुझा सकते हैं।
- हमेशा डोज के निर्देश का पालन करें।
- एक्यूप्रेशर आजमाएं : दवा के बिना राहत चाहिए तो एक्यूप्रेशर काम कर सकता है।
- P6 (नेइगुआन) पॉइंट: कलाई के अंदर, हथेली से 2-3 अंगुल नीचे।
- दबाव डालने या रिस्टबैंड पहनने से मतली कम हो सकती है।
- रिलैक्सेशन और ध्यान भटकाने वाली ट्रिक्स :
- धीरे-धीरे गहरी सांस लें, नर्वस सिस्टम शांत होगा।
- हल्की-फुल्की चीज़ों में ध्यान लगाएं: म्यूजिक सुनें, ट्रिप में साथ वाले से बात करें, या थोड़ी देर आंखें बंद करें।
Disclaimer : लेख में दी गई जानकारी सामान्य सूचना के उद्देश्य से है। इसे किसी भी प्रकार की चिकित्सकीय सलाह के रूप में न लें। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या इलाज के लिए हमेशा डॉक्टर की सलाह लें।
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