Ranchi : झारखंड पुलिस ने अब थानों को सिर्फ अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं रखा है, बल्कि उन्हें अपने अच्छे कामों को भी खुलकर सामने लाने को कहा है। पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी निर्देश में साफ कहा गया है कि हर थाना अपने सकारात्मक कार्यों का नियमित प्रचार-प्रसार करे और हर महीने इसकी रिपोर्ट भी भेजे। यह कदम DGSP/IGSP Conference 2025 की Recommendation No. 25 के तहत उठाया गया है।
क्या करना होगा थानों को
सरल शब्दों में कहें तो अब हर थाना अपने इलाके में किए गए अच्छे कामों को छुपाकर नहीं रखेगा। अगर थाना ने किसी बुजुर्ग की मदद की, किसी खोए बच्चे को परिवार से मिलाया, नशा के खिलाफ अभियान चलाया, स्कूल में जागरूकता कार्यक्रम किया या किसी बड़ी घटना का सफल खुलासा किया, तो उसकी जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाएगी। इसके लिए स्थानीय मीडिया, सोशल मीडिया, थाना के आधिकारिक हैंडल और इलाके के प्रभावशाली लोगों की मदद लेने को कहा गया है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
अक्सर देखा जाता है कि पुलिस के अच्छे काम खबरों में कम और विवाद ज्यादा चर्चा में रहते हैं। इससे जनता के बीच एकतरफा तस्वीर बन जाती है। पुलिस मुख्यालय का मानना है कि अगर थानों के सकारात्मक प्रयास सामने आएंगे, तो पुलिस और आम लोगों के बीच भरोसा मजबूत होगा। लोगों को भी लगेगा कि पुलिस सिर्फ कार्रवाई नहीं करती, बल्कि समाज के लिए काम भी करती है।
एसएसपी और एसपी को दी गई जिम्मेदारी
यह निर्देश रांची, जमशेदपुर और धनबाद के एसएसपी के साथ-साथ राज्य के बाकी सभी जिलों के एसपी को भेजा गया है। उन्हें कहा गया है कि अपने-अपने जिले के सभी थानों में इस व्यवस्था को लागू कराएं और इसकी निगरानी भी करें।
हर महीने भेजनी होगी रिपोर्ट
अब सिर्फ प्रचार करने से काम नहीं चलेगा। हर थाना और जिला स्तर पर यह बताना होगा कि महीने भर में कौन-कौन से सकारात्मक कार्य किए गए और उनका प्रचार कैसे किया गया। इसकी मासिक कृत कार्रवाई रिपोर्ट हार्ड कॉपी और सॉफ्ट कॉपी दोनों रूप में भेजनी होगी। सॉफ्ट कॉपी ig-hr@jhpolice.gov.in ईमेल आईडी पर भेजना अनिवार्य किया गया है।
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