Ranchi : प्रधान मुख्य वन संरक्षक, झारखंड संजीव कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को रांची स्थित पलाश सभागार में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में वन विभाग से जुड़ी विभिन्न योजनाओं और कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक में वन प्रबंधन, वन अपराध, वन भूमि अतिक्रमण, अवैध खनन, अवैध आरा मिल, वन्य जीव से जुड़े अपराध, लंबित मुआवजा भुगतान, वन भूमि से संबंधित अभिलेखों का रखरखाव, न्यायिक मामलों की स्थिति, कार्य योजना, अग्नि सुरक्षा, सेवांत लाभ, विभिन्न संवर्गों में नियुक्ति की स्थिति, ऑडिट आपत्तियों का निष्पादन, कर्मचारी रिकॉर्ड प्रबंधन प्रणाली, वन्य प्राणी प्रबंधन, नए चिड़ियाघरों की स्थापना, हाथी की मृत्यु, हाथी-मानव संघर्ष, वन्य जीव दुर्घटनाएं, मुआवजा भुगतान, राज्य एवं केंद्र सरकार की योजनाएं, इको-टूरिज्म, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास तथा राजस्व प्राप्ति जैसे विषयों पर गहन चर्चा की गई।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक संजीव कुमार ने कहा कि हाथी और मानव के बीच बढ़ते संघर्ष को कम करना विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि मानव और वन्य प्राणियों दोनों की सुरक्षा करना हम सभी का कर्तव्य है।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि वनों की सुरक्षा हर हाल में सुनिश्चित की जाए और वन भूमि पर हो रहे अतिक्रमण को सख्ती से रोका जाए।
बैठक में प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) परितोष उपाध्याय, ए.टी. मिश्रा, मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) एस.आर. नटेश, वन संरक्षक (प्रशासन) पी.आर. नायडू, वन प्रमंडल पदाधिकारी (प्रशासन) अजिंक्या बानकर सहित राज्य के सभी मुख्य वन संरक्षक, क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक, वन प्रमंडल पदाधिकारी एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


