Patna : पटना में अब घर या दुकान की मरम्मत के बाद सड़क पर मलबा फेंकना महंगा पड़ सकता है। पटना नगर निगम (पीएमसी) ने साफ-सफाई और वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सख्त नियम लागू किए हैं। अब सड़क, नाली या किसी भी सार्वजनिक स्थान पर निर्माण या मरम्मत का मलबा फेंकने पर 1500 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा।
नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने कहा है कि शहर को स्वच्छ और स्वस्थ बनाए रखने के लिए नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा। उन्होंने भवन मालिकों, ठेकेदारों और बिल्डरों से अपील की है कि निर्माण या मरम्मत से निकलने वाले मलबे को खुले में न फेंकें।
नगर निगम के अनुसार, सड़क पर पड़ा मलबा ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाओं का कारण बनता है। साथ ही उड़ने वाली धूल से वायु प्रदूषण बढ़ता है, जो बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों के लिए खतरनाक है।
धूल पर नियंत्रण के लिए नगर निगम ने सभी निर्माणाधीन भवनों और व्यावसायिक इमारतों में ग्रीन मेश लगाना अनिवार्य कर दिया है। नियमों का पालन न करने पर भवन मालिक या ठेकेदार पर कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम ने मलबा उठाने की सुविधा भी दी है। नागरिक प्रति फेरी 600 रुपये शुल्क देकर निगम से मलबा उठवा सकते हैं। इसके लिए टोल फ्री नंबर 155304 पर कॉल किया जा सकता है। जानकारी के लिए व्हाट्सएप चैटबॉट नंबर 9264447449 भी जारी किया गया है।
पटना के सभी अंचलों में सीएंडडी (कंस्ट्रक्शन एंड डिमोलिशन) सेकेंडरी प्वाइंट बनाए गए हैं, जहां मलबा जमा किया जा सकता है। यह सुविधा बांकीपुर, अजीमाबाद, पटना सिटी, पाटलिपुत्र, कंकड़बाग और नूतन राजधानी अंचल में उपलब्ध है।
नगर निगम का कहना है कि इन कदमों से शहर साफ रहेगा और प्रदूषण कम होगा। निगम ने साफ संदेश दिया है कि नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।


