मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के जरिए करोड़ों लोगों के नाम हटाए जाने के विवाद के बीच अब सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों की पहचान के लिए वोटर आईडी (EPIC) को आधार बनाने की बात पर सियासत तेज हो गई है. कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने केंद्रीय पंचायती राज मंत्री ललन सिंह के बयान पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि पहले लोगों को मतदाता सूची से बाहर किया जा रहा है और अब उन्हें सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से भी वंचित करने की तैयारी है.
पवन खेड़ा ने कहा कि आधार की जगह वोटर आईडी लाने की बात पहले से बनाई गई योजना का हिस्सा है. उन्होंने दावा किया कि SIR की प्रक्रिया के तहत अब तक कम से कम 13.3 करोड़ भारतीयों के नाम मतदाता सूची से हटाए जा चुके हैं. अब वोटर आईडी नहीं होने को राशन, आवास, स्वास्थ्य बीमा और रोजगार की गारंटी जैसी सुविधाओं से वंचित करने का आधार बनाया जा सकता है.
उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को लोकतांत्रिक और कल्याणकारी अधिकारों से जोड़ते हुए कहा कि पहले मतदाता सूची से नाम हटाकर लोगों की राजनीतिक आवाज छीनी जा रही है. इसके बाद मतदाता सूची में नाम नहीं होने को सरकारी योजनाओं का लाभ रोकने का आधार बनाया जा सकता है. उनके मुताबिक, इससे लाखों भारतीय लोकतांत्रिक और कल्याणकारी व्यवस्था, दोनों से बाहर हो सकते हैं और नागरिक होने के बावजूद अपने अधिकारों से वंचित रह जाएंगे.

ललन सिंह ने क्या कहा था?
दरअसल, केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने 30 अक्टूबर को पंचायती राज मंत्रालय की ओर से आयोजित जन योजना अभियान 2026-27 की राष्ट्रीय कार्यशाला में लाभार्थियों को भुगतान की पहचान व्यवस्था में बदलाव की बात कही थी.
उन्होंने कहा था कि अब लाभार्थियों को भुगतान करने का आधार आधार कार्ड नहीं रहेगा. उनका तर्क था कि आधार कार्ड बनाने वाली संस्थाएं अब हर गली-मोहल्ले में उपलब्ध हैं और पांच मिनट में किसी का भी आधार कार्ड बनाया जा सकता है. इसलिए लाभार्थियों की पहचान और भुगतान के लिए बायोमेट्रिक जानकारी तथा वोटर आईडी का EPIC नंबर इस्तेमाल किया जाएगा.
ललन सिंह ने हालांकि उस समय यह स्पष्ट नहीं किया था कि यह व्यवस्था किन योजनाओं पर लागू होगी और इसे कब से शुरू किया जाएगा. उनके बयान के बाद यह सवाल उठा कि क्या आधार आधारित भुगतान व्यवस्था में व्यापक बदलाव होने जा रहा है.
क्या आधार कार्ड में भयंकर फर्जीवाड़ा चल रहा है?
भुगतान में पारदर्शिता नहीं है…
केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने आधार कार्ड पर बड़ा ऐलान किया है https://t.co/zxtM2CF8Ru
— Romita Tiwari (@romita_tiwari) November 5, 2026
RJD ने भी उठाए सवाल
ललन सिंह के बयान पर राष्ट्रीय जनता दल ने भी आपत्ति जताई है. RJD प्रवक्ता एजाज अहमद ने सवाल किया कि जब केंद्र सरकार की योजनाओं में आधार को मान्यता मिली हुई है, तो फिर वोटर आईडी को लाभार्थियों की पहचान और भुगतान से क्यों जोड़ा जा रहा है?
उन्होंने पूछा कि केंद्रीय मंत्री की मंशा क्या है और क्या इस व्यवस्था के जरिए लोगों को सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित करने की कोशिश की जा रही है?


