Johar Live Desk : भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत हल्की गिरावट के साथ हुई। अमेरिका की ओर से भारतीय उत्पादों पर 500 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने की धमकी और बढ़ते वैश्विक तनावों के कारण निवेशकों में चिंता देखी गई। इसका असर बाजार पर पड़ा और सेंसेक्स व निफ्टी दोनों लाल निशान में खुले।
सुबह करीब 9:29 बजे बीएसई सेंसेक्स 107 अंक गिरकर 84,073 पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी भी 26 अंक की कमजोरी के साथ 26,850 के स्तर पर कारोबार करता दिखा।
बड़े शेयरों की तुलना में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में ज्यादा गिरावट देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में करीब 0.29 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.84 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इससे साफ है कि छोटे और मझोले शेयरों में बिकवाली का दबाव ज्यादा रहा।
सेक्टर के हिसाब से देखें तो लगभग सभी सेक्टरों में गिरावट रही। रियल्टी और मीडिया सेक्टर को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। रियल्टी इंडेक्स करीब 2.14 प्रतिशत और मीडिया इंडेक्स 1.34 प्रतिशत गिर गया। हालांकि आईटी और पीएसयू बैंक सेक्टर में थोड़ी मजबूती देखने को मिली और ये सेक्टर गिरावट से बचे रहे।
निफ्टी के कुछ शेयरों में खरीदारी भी दिखी। ओएनजीसी और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) बढ़त वाले शेयरों में शामिल रहे। बाजार जानकारों का कहना है कि निफ्टी के लिए 25,700 से 25,750 का स्तर सपोर्ट का काम कर सकता है, जबकि 26,150 से 26,200 के बीच रुकावट आ सकती है।
गौरतलब है कि गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर भारी टैरिफ लगाने की बात कहे जाने के बाद बाजार में तेज गिरावट आई थी। निफ्टी लगातार चौथे दिन गिरा था और 263 अंक टूटकर 25,876 पर बंद हुआ था। अब निवेशकों की नजर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर है, जहां ट्रंप के टैरिफ को लेकर सुनवाई होनी है।
एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। चीन और जापान के बाजारों में मजबूती रही, जबकि हांगकांग के बाजार में हल्की गिरावट आई। अमेरिकी बाजारों में भी गुरुवार रात मिलाजुला कारोबार देखने को मिला।
एफआईआई और डीआईआई के आंकड़ों के अनुसार, 8 जनवरी को विदेशी निवेशकों ने करीब 3,367 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू निवेशकों ने लगभग 3,701 करोड़ रुपये की खरीदारी की।


