Jamtara : राज्य के स्वास्थ्य मंत्री सह जामताड़ा विधायक इरफान अंसारी के एक बयान को लेकर जिले में नाराजगी का माहौल है। बीते दिनों एक मदरसा में आयोजित शैक्षणिक कार्यक्रम के दौरान मंत्री द्वारा एक हाफिज को लेकर दिए गए कथित विवादित बयान पर उलेमाओं ने कड़ी आपत्ति जताई है। बुधवार को नेशनल ह्यूमन राइट्स एंड जस्टिस मूवमेंट के जिला कार्यालय में जिले के विभिन्न मदरसों से आए उलेमाओं और इस्लामिक धर्मगुरुओं की बैठक हुई। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री के बयान की निंदा करते हुए इसे अपमानजनक बताया गया। उलेमाओं ने कहा कि इस तरह के बयान से धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं और समाज में गलत संदेश जाता है।
इस मामले में हाफिज एहतेशामुल मिर्जा ने जामताड़ा थाना में आवेदन देकर मंत्री के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। उनका कहना है कि मंत्री द्वारा उन पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद और निराधार हैं। बैठक में मौजूद मौलाना सलीम केशर ने कहा कि उलेमा समाज में सम्मानित स्थान रखते हैं और उनकी बातों को आम लोग मानते हैं। ऐसे में किसी भी जनप्रतिनिधि को भाषा पर संयम रखना चाहिए। उन्होंने मंत्री से आग्रह किया कि उलेमाओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए और भविष्य में इस तरह की बयानबाजी न हो। उलेमाओं ने एक स्वर में स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी कि बार-बार इस तरह की बेइज्जती बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में मौलाना शमसुल, मौलाना अब्दुल सत्तार, मौलाना राजाउद्दीन, मौलाना जलालुद्दीन, मौलाना रशीद, मौलाना हारून, मौलाना मुख्तार, मौलाना इरशाद, मौलाना जसीम, मौलाना मसूद, मुफ्ती सिद्दीकी मुस्तकीम और ताहिर सहित बड़ी संख्या में इस्लामिक धर्मगुरु मौजूद थे।
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