Ranchi : प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन PLFI के लिए 50 लाख रुपये की लेवी वसूलने पहुंचे दो युवकों को रांची पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपी खूंटी जिले के रहने वाले हैं और पुलिस पूछताछ में उन्होंने लेवी की रकम लेने आने की बात स्वीकार की है। पुलिस ने उनके पास से पीएलएफआई के पर्चे, मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल भी बरामद की है।
व्हाट्सएप पर मांगी गई थी 50 लाख की रंगदारी
मामला नगड़ी थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार साहेर गांव निवासी बजरंग महतो को व्हाट्सएप के जरिए PLFI की ओर से 50 लाख रुपये की लेवी देने की धमकी दी गई थी। रंगदारी नहीं देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी भी दी गई थी। पीड़ित की शिकायत पर 22 मई 2026 को नगड़ी थाना में मामला दर्ज किया गया था। प्राथमिकी में व्हाट्सएप नंबर धारक पर रंगदारी मांगने और धमकी देने का आरोप लगाया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की गई।
एसएसपी के निर्देश पर बनी विशेष टीम
रांची एसएसपी राकेश रंजन के निर्देश पर रूरल एसपी गौरव गोस्वामी ने डीएसपी मुख्यालय द्वितीय अजय आर्यन के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया। टीम ने तकनीकी शाखा की मदद से मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल और अन्य सूचनाओं के आधार पर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि लेवी की रकम लेने के लिए PLFI के सदस्य तुपुदाना स्थित सफायर स्कूल के पास बारहमाइल चौक पहुंचने वाले हैं।
सफायर स्कूल के पास पुलिस ने बिछाया जाल
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने इलाके में घेराबंदी कर दी और सादे कपड़ों में निगरानी शुरू कर दी। कुछ देर बाद एक लाल रंग की अपाची मोटरसाइकिल पर सवार दो युवक वहां पहुंचे। पुलिस ने दोनों को चारों तरफ से घेरकर पकड़ लिया। पूछताछ में उनकी पहचान खूंटी जिले के बेलवादाग गांव निवासी अरुण लोहरा (19 वर्ष) और सूरज लोहरा (18 वर्ष) के रूप में हुई।
पूछताछ में कबूला लेवी लेने का सच
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक शुरुआती पूछताछ में दोनों युवकों ने स्वीकार किया कि वे पीएलएफआई के लिए लेवी की रकम लेने पहुंचे थे। तलाशी के दौरान अरुण लोहरा के पास से पीएलएफआई का दो पर्चा बरामद हुआ, जिस पर कथित तौर पर राजेश यादव का नाम लिखा हुआ था। इसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस का कहना है कि इस मामले में अभी और लोगों की संलिप्तता सामने आ सकती है। गिरफ्तार युवकों से पूछताछ के आधार पर संगठन के अन्य सदस्यों और रंगदारी नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
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