Ranchi : राजधानी रांची के चुटिया स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के झारखंड प्रदेश कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंकने के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हालांकि गिरफ्तार मुख्य आरोपी सैफ अंसारी ने पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश की। पहले वह कोतवाली थाना परिसर के शौचालय से फरार हो गया और बाद में मांडर में पुलिस का हथियार छीनकर दोबारा भागने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लग गई। घायल आरोपी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गिरफ्तार आरोपियों के नाम सैफ अंसारी, अमन अंसारी उर्फ गोलू और सायम सुजान बताए गए। तीनों लोहरदगा के रहने वाले हैं। इनमें से सैफ अंसारी मुठभेड़ में पुलिस की गोली से जख्मी हो गया, जिसका इलाज चल रहा है।
घटना के बाद बनाई गई थी एसआईटी
एसएसपी राकेश रंजन ने मीडिया को बताया कि बीते 16 जून की रात चुटिया के निवारणपुर स्थित आरएसएस के झारखंड प्रदेश कार्यालय पर अज्ञात अपराधियों ने पेट्रोल बम फेंका था। घटना के बाद चुटिया थाना में मामला दर्ज किया गया। सिटी एसपी पारस राणा और रूरल एसपी गौरव गोस्वामी के संयुक्त नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। एसआईटी ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। साथ ही तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई। इसके बाद कई जगहों पर लगातार छापेमारी की गई।
दूसरे राज्य भागने की फिराक में थे आरोपी
जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी घटना के बाद दूसरे राज्य भागने की तैयारी में हैं। इसी सूचना के आधार पर कोडरमा के गझंडी रेलवे स्टेशन के पास बोकारो और कोडरमा पुलिस की मदद से सैफ अंसारी और अमन अंसारी उर्फ गोलू को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया और बताया कि इस वारदात में उनके साथ सायम सुजान भी शामिल था। इसके बाद पुलिस ने रांची में छापेमारी कर उसे भी गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों की निशानदेही पर मिले अहम सबूत
पुलिस ने तीनों आरोपियों की निशानदेही पर घटना के समय पहने गए कपड़े लोअर बाजार थाना क्षेत्र के एक नाले के पास से बरामद कर लिए। इसके अलावा एक रैपिडो कैब के रूप में इस्तेमाल की गई सेंट्रो कार और चार स्मार्टफोन भी जब्त किए गए हैं।
अंतरराष्ट्रीय मॉड्यूल से जुड़े होने की आशंका
प्रारंभिक जांच और पूछताछ के दौरान पुलिस को कुछ ऐसे इनपुट मिले हैं, जिनके आधार पर यह संभावना जताई जा रही है कि आरोपियों का किसी अंतरराष्ट्रीय मॉड्यूल से संबंध हो सकता है। हालांकि पुलिस ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए रांची एसएसपी राकेश रंजन ने जांच एटीएस को सौंपने का अनुरोध किया था, जिसे मंजूरी मिल गई है। अब इस पूरे मामले की आगे की जांच झारखंड एटीएस करेगी।
शौचालय से भागा, फिर पुलिस का हथियार छीनने की कोशिश
गिरफ्तार आरोपी सैफ अंसारी को गुरुवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे कोतवाली थाना परिसर लाया गया था। उसने शौच जाने की बात कही। शौचालय के अंदर उसने वेंटिलेशन की ग्रिल और शीशा तोड़ दिया और वहां से फरार हो गया। सूचना मिलते ही जिले के सभी थानेदारों को अलर्ट कर दिया गया। कुछ देर बाद मांडर थाना क्षेत्र के चामा मोड़ के पास वाहन जांच के दौरान पुलिस ने उसे दोबारा पकड़ लिया। एसएसपी के अनुसार, निकटवर्ती थाना ले जाने के दौरान सैफ अंसारी ने एक पुलिसकर्मी का हथियार छीनकर फिर भागने की कोशिश की। इसके बाद आत्मरक्षा में पुलिस ने फायरिंग की, जिसमें उसके पैर में गोली लगी। घायल आरोपी को तुरंत अस्पताल भेजा गया।
पुलिस की जांच जारी
एसएसपी राकेश रंजन का कहना है कि मामले के हर पहलू की गहराई से जांच की जा रही है। आरोपियों के मोबाइल, डिजिटल साक्ष्यों और उनके संपर्कों की पड़ताल की जा रही है। एटीएस अब यह पता लगाएगी कि इस वारदात के पीछे केवल स्थानीय साजिश थी या इसके तार किसी बड़े नेटवर्क से जुड़े हैं।
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