रांची। 14वीं जेपीएससी परीक्षा परिणाम में कथित धांधली, भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के विरोध में भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) ने मंगलवार को जेपीएससी कार्यालय का घेराव किया. प्रदेश के अलग-अलग जिलों से पहुंचे हजारों युवा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन के दौरान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. प्रदर्शनकारियों ने 14वीं जेपीएससी का परिणाम रद्द करने और पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की.
प्रक्रिया पारदर्शी तो इस्तीफा क्यों
भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष शशांक राज ने कहा कि जेपीएससी जैसी संवैधानिक संस्था की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के बजाय युवाओं से आवेदन शुल्क के नाम पर पैसे वसूल रही है और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि अगर भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी थी तो जेपीएससी चेयरमैन के इस्तीफे की नौबत क्यों आई.
सीआईडी नहीं, सीबीआई जांच हो
शशांक राज ने सरकार की ओर से कराई जा रही सीआईडी जांच पर भी सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि जब जांच एजेंसियां राज्य सरकार के अधीन हैं, तो निष्पक्ष जांच की उम्मीद कैसे की जा सकती है. उन्होंने सीआईडी जांच और पुलिस कार्रवाई को महज आईवॉश बताते हुए पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की.
उन्होंने कहा कि आरटीआई के जरिए अभ्यर्थियों को उत्तर पुस्तिकाओं की प्रतियां उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं. साथ ही, जेपीएससी की नियमित परीक्षा कैलेंडर व्यवस्था नहीं होने से युवाओं में नाराजगी है. उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक 14वीं जेपीएससी परिणाम रद्द कर निष्पक्ष जांच नहीं होती, तब तक भाजयुमो का आंदोलन जारी रहेगा.
प्रदेश प्रभारी विनय जायसवाल ने सरकार को युवा विरोधी बताया. वहीं, रांची महानगर जिलाध्यक्ष रोमित नारायण सिंह ने कहा कि युवाओं की आवाज को पुलिस बल के सहारे दबाया नहीं जा सकता. कार्यक्रम में प्रदेश पदाधिकारी, जिलाध्यक्ष और बड़ी संख्या में युवा कार्यकर्ता मौजूद रहे.
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