Ranchi : रांची के नगड़ी थाना क्षेत्र के कृष्णा नगर में बंद पड़े घर में हुई लाखों रुपये और सोने के जेवरात की चोरी के मामले में पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। इस मामले में पुलिस ने पश्चिम बंगाल से दो आरोपियों को पकड़कर चोरी के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। वहीं, एक आरोपी ने सरेंडर कर दिया था। इससे पहले तीन आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। खास बात यह है कि चोरी किए गए सोने के जेवरात को गलाकर नए गहनों का रूप दे दिया गया था ताकि पुलिस की पकड़ से बचा जा सके। हालांकि पुलिस की जांच और तकनीकी निगरानी के आगे आरोपियों की चालाकी ज्यादा दिन नहीं चल सकी।
पुलिस रिमांड में आए आरोपी ने खोले कई राज
पुलिस के मुताबिक इस मामले के आरोपी अनारूल हक उर्फ अनारूल शेख ने कुछ दिन पहले रांची कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था। इसके बाद उसे पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान उसने गिरोह के अन्य सदस्यों और चोरी के माल को ठिकाने लगाने के तरीके के बारे में अहम जानकारी दी। इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में छापेमारी कर गौरंग दास और महेश गाडे को गिरफ्तार कर लिया। अनारूल हक को पहले ही रिमांड पर लिया जा चुका था। इस तरह आज तीन आरोपियों की गिरफ्तारी और पूछताछ के बाद पूरे मामले में नया मोड़ आ गया।
सोने के गहनों को गलाकर बना दिए नए आभूषण
जांच में सामने आया कि चोरी के बाद गिरोह ने सोने के असली गहनों को गलाकर नए गहनों का रूप दे दिया था। आरोपियों को लगता था कि गहनों की पहचान बदलने के बाद पुलिस उन तक नहीं पहुंच पाएगी। लेकिन पुलिस ने छापेमारी के दौरान चार सोने के कंगन, एक सोने की चेन, सोने का बड़ा टुकड़ा और करीब 80 ग्राम सोना बरामद कर लिया। इसके अलावा 25 हजार रुपये नकद भी जब्त किए गए हैं।
मार्च में हुई थी बंद घर में चोरी
यह मामला 18 मार्च 2026 का है। कृष्णा नगर रोड नंबर-3 स्थित एक बंद मकान में चोरों ने नकदी और सोने के जेवरात पर हाथ साफ कर दिया था। मकान मालिक राहुल सिंह की शिकायत पर नगड़ी थाना में मामला दर्ज किया गया था। घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पहले चरण में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उन आरोपियों की निशानदेही पर 6.50 लाख रुपये नकद, दो मोबाइल फोन और चोरी में इस्तेमाल की गई बलेनो कार भी बरामद की गई थी।
झारखंड से बंगाल तक फैला था गिरोह का नेटवर्क
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह के सदस्य चोरी की वारदात को अंजाम देने के बाद माल को दूसरे राज्यों में पहुंचाकर बेचने या गलाने का काम करते थे। गिरोह का नेटवर्क झारखंड से लेकर पश्चिम बंगाल तक फैला हुआ था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने और कितनी चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया है।
पहले तीन आरोपी हुए थे गिरफ्तार
मालूम हो कि इस मामले में पुलिस ने पहले ही सुल्तान मियां, दीपक कुमार साहु उर्फ बुतरू और मो. आजाद अंसारी को गिरफ्तार किया था। तीनों आरोपी सिमडेगा जिले के रहने वाले हैं। उनकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने चोरी किए गए 6.50 लाख रुपये नकद, दो मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई बलेनो कार बरामद की थी। इन आरोपियों से पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली थीं। पुलिस को पता चला था कि चोरी के बाद जेवरात और अन्य सामान को दूसरे लोगों के माध्यम से ठिकाने लगाया गया है। इसके बाद जांच का दायरा झारखंड से निकलकर पश्चिम बंगाल तक पहुंच गया।
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