Sahibganj : शहरी पेयजल आपूर्ति योजना अब अंतिम चरण में प्रवेश कर गई है और मार्च तक इसे पूरा करने की उम्मीद है। वर्तमान में कुल 19,000 हाउस होल्ड में से 8,700 घरों तक पानी का कनेक्शन पहुंचाया जा चुका है। नगर परिषद को योजना के हस्तांतरण के बाद शेष कनेक्शन न्यूनतम शुल्क पर दिए जाएंगे।
इस योजना का निरीक्षण करने के लिए विभाग के अपर मुख्य सचिव मस्तराम मीणा साहिबगंज आने वाले हैं। रांची और दुमका से चार सदस्यीय टीम कैंप करके योजना को तेजी से पूरा कराने में लगी हुई है। अब तक लगभग 90 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है और टेस्टिंग का काम जारी है।
15 साल पुरानी योजना में कई देरी
यह योजना 2011 में शुरू हुई थी। उस समय तत्कालीन उपमुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आधारशिला रखी थी। शुरुआत में गुजरात की डोशियन कंपनी को कार्य मिला था, लेकिन समय पर काम पूरा न होने पर इसे ब्लैकलिस्ट कर दिया गया और 30.86 करोड़ रुपये भुगतान किए गए। इसके बाद परमार कंस्ट्रक्शन को जिम्मा मिला, लेकिन उसने भी समय पर काम पूरा नहीं किया और उसे 15 करोड़ रुपये भुगतान किए गए।
तीसरी बार टेंडर हुआ और राजगीरी कंस्ट्रक्शन को दो साल में कार्य पूरा करने का जिम्मा मिला, जिसकी लागत करीब 69 करोड़ रुपये रही। इस देरी और लापरवाही के कारण समाजसेवी सिदेश्वर मंडल ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की थी। कोर्ट ने मुख्य सचिव को कड़ी फटकार लगाई और हर 15 दिन में कार्य प्रगति रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया। पूर्वी पीएचईडी के पदाधिकारी गोबिंद कच्छप को भी लापरवाही के कारण सस्पेंड किया गया।
अधिकारियों का कहना
कार्यपालक अभियंता शशि शेखर ने कहा कि योजना अंतिम चरण में है। मिसिंग पाइप को खोजकर ठीक किया जा रहा है और घर-घर कनेक्शन जारी है। उन्होंने कहा कि मार्च तक नगर परिषद को योजना हेंडओवर कर दिया जाएगा और हाउस कनेक्शन देने का काम जारी रहेगा। साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की कि पाइप में नल लगाकर पानी की बर्बादी न करें।
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