Ranchi : देशभर के आदिवासी खिलाड़ियों को खेल के माध्यम से आगे बढ़ाने के उद्देश्य से खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का आयोजन शुरू हो गया है। झारखंड में इस खेल कार्यक्रम के लिए आदिवासी खिलाड़ियों का चयन रांची में किया जा रहा है।
बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम में राज्य के 24 जिलों से आए प्रतिभाशाली आदिवासी युवा खिलाड़ी अपनी खेल क्षमता का प्रदर्शन कर रहे हैं। चयन प्रक्रिया के जरिए जो खिलाड़ी चुनेंगे, उन्हें खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में राज्य का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलेगा।
चयन सात खेलों में हो रहा है, जिसमें खासतौर पर एथलेटिक्स पर जोर है। यहां दौड़, कूद और थ्रो से जुड़े 17 इवेंट्स में खिलाड़ी अपनी प्रतिभा दिखा रहे हैं। उमेश लोहरा, नोडल अधिकारी खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स, का कहना है कि चयनित खिलाड़ियों को उच्च स्तर के प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं में भाग लेने का भी अवसर मिलेगा।
अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी आशा किरण बारला ने इस पहल को आदिवासी खिलाड़ियों के लिए मील का पत्थर बताया। उनका कहना है कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में प्रतिभा भरपूर है, लेकिन मंच और अवसर के अभाव में खिलाड़ी आगे नहीं बढ़ पाते। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स से आदिवासी खिलाड़ियों को नई दिशा मिलेगी और आने वाले समय में देश के लिए एशियाड और ओलंपिक में पदक जीतने का सपना पूरा हो सकेगा।
झारखंड को पहले से ही खेल प्रतिभाओं की नर्सरी माना जाता रहा है। हॉकी, एथलेटिक्स और तीरंदाजी जैसे खेलों में राज्य ने देश को कई नामी खिलाड़ी दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की चयन प्रक्रिया और प्रशिक्षण लगातार जारी रहने पर झारखंड से आने वाले वर्षों में कई आदिवासी खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल जगत में चमकेंगे।


