Johar Live Desk : पूर्वोत्तर भारत को देश की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए पीएम मोदी ने आज यानी रविवार को असम को दो नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों की सौगात दी। इन ट्रेनों के शुरू होने से असम और उत्तर भारत के राज्यों जैसे बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा के बीच सीधा और किफायती रेल संपर्क स्थापित होगा। रेलवे का यह कदम पूर्वोत्तर के आर्थिक, सामाजिक और पर्यटन विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
डिब्रूगढ़-गोमतीनगर अमृत भारत एक्सप्रेस
पीएम द्वारा हरी झंडी दिखाई गई पहली ट्रेन डिब्रूगढ़-गोमतीनगर (लखनऊ) अमृत भारत एक्सप्रेस है। यह साप्ताहिक ट्रेन (15949) हर शुक्रवार रात 9 बजे डिब्रूगढ़ से रवाना होगी और रविवार दोपहर 1:30 बजे गोमतीनगर स्टेशन पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन (15950) रविवार शाम 6:40 बजे गोमतीनगर से चलेगी और मंगलवार दोपहर 12:40 बजे डिब्रूगढ़ पहुंचेगी। यह ट्रेन असम, बिहार और उत्तर प्रदेश के कई प्रमुख स्टेशनों से होकर गुजरेगी।
असम में इसके ठहराव मराणहाट, शिमलगुड़ी, मरियानी, फरकाटिंग, दीमापुर, दिफू, लामडिंग, होजाई, गुवाहाटी, कामाख्या, रंगिया, नलबाड़ी, बरपेटा रोड और कोकराझार पर होंगे। बिहार में यह ट्रेन न्यू अलीपुरद्वार, न्यू कोचबिहार, किशनगंज, कटिहार, नवगछिया, खगड़िया, बेगूसराय और बरौनी से होकर उत्तर प्रदेश के हाजीपुर, छपरा, सिवान, गोरखपुर, बस्ती, अयोध्या धाम, अयोध्या कैंट और बाराबंकी तक पहुंचेगी।
कामाख्या-रोहतक अमृत भारत एक्सप्रेस
दूसरी ट्रेन कामाख्या-रोहतक अमृत भारत एक्सप्रेस है, जो असम के प्रमुख धार्मिक केंद्र कामाख्या को हरियाणा के रोहतक से जोड़ेगी। यह ट्रेन शुक्रवार रात 10 बजे कामाख्या से रवाना होकर रविवार दोपहर 2:45 बजे रोहतक पहुंचेगी। वापसी में यह ट्रेन रविवार रात 10:10 बजे रोहतक से चलकर मंगलवार दोपहर 12:15 बजे कामाख्या पहुंचेगी। यह ट्रेन असम, पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा के कई जिलों से होकर गुजरेगी। इसके जरिए यात्रियों को कामाख्या मंदिर और वाराणसी के गंगा घाट जैसे धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी।
यात्रियों को मिलेगा फायदा
अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों में आधुनिक सुविधाएं, बेहतर कोच डिजाइन और किफायती किराया उपलब्ध होगा। इन दोनों ट्रेनों के संचालन से पूर्वोत्तर और उत्तर भारत के बीच यात्रा सरल और सुविधाजनक होगी। इसके साथ ही व्यापार, रोजगार और पर्यटन को भी नई गति मिलेगी। रेलवे का यह कदम ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के विजन को और मजबूत करने में मदद करेगा।
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