Dhanbad : जापान के टोक्यो से हजारों किलोमीटर दूर, भारत की यात्रा पर निकला 30 वर्षीय हारूखी वतावनवे शायद नहीं जानता था कि उसकी इस यात्रा में एक ऐसा पल भी आएगा, जिसे वह कभी नहीं भूलेगा। श्रीलंका होते हुए भारत पहुंचे हारूखी बोधगया जा रहे थे। गुरुवार की सुबह वह महारानी बस से सफर कर रहे थे। मैथन टोल प्लाजा पर वह कुछ देर के लिए बस से उतरे। लेकिन कुछ ही मिनटों में बस आगे बढ़ गई। जब तक उन्हें एहसास हुआ, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। उनका मोबाइल, पैसे और सारा सामान बस में ही रह गया था।
भीड़ के बीच अकेला
झारखंड और पश्चिम बंगाल की सीमा पर स्थित टोल प्लाजा पर लोगों की आवाजाही थी, गाड़ियों का शोर था, लेकिन उस भीड़ में हारूखी बिल्कुल अकेले थे। न मोबाइल, न पैसे, न कोई जान-पहचान। सबसे बड़ी बात, वह न हिंदी समझ पा रहे थे और न बोल पा रहे थे। लोगों से कुछ कहने की कोशिश करते, लेकिन शब्द साथ नहीं दे रहे थे। चेहरे पर घबराहट साफ दिख रही थी।
जब पुलिस ने बढ़ाया कदम
इसी बीच मैथन थाना की पुलिस की नजर उन पर पड़ी। पुलिसकर्मियों ने जब एक विदेशी युवक को परेशान हालत में देखा, तो पास जाकर बात करने की कोशिश की। भाषा अलग थी, लेकिन हालात समझने में ज्यादा वक्त नहीं लगा। इशारों और थोड़ी-बहुत अंग्रेजी के सहारे बात आगे बढ़ी। पुलिस ने तुरंत महारानी बस के मालिक से संपर्क किया। पता चला कि युवक का सामान सुरक्षित है और बस गया पहुंच चुकी है। पुलिस ने यह सुनिश्चित किया कि उसका सारा सामान गया स्थित बस कार्यालय में सुरक्षित रखवा दिया जाए।
सिर्फ मदद नहीं, भरोसा भी दिया
मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। युवक को बोधगया तक सुरक्षित पहुंचाना भी जरूरी था। पुलिस ने दूसरी बस की व्यवस्था कर उसे रवाना किया। इस दौरान पुलिसकर्मी उसके साथ खड़े रहे, ताकि उसे किसी तरह की दिक्कत न हो। कुछ घंटों पहले जो युवक खुद को बिल्कुल असहाय महसूस कर रहा था, उसके चेहरे पर अब राहत साफ दिख रही थी।
“पुलिस सिर्फ सख्ती नहीं, सेवा भी करती है”
बोधगया के लिए रवाना होते समय हारूखी ने अपने तरीके से आभार जताया। जापानी भाषा में उसने पुलिस को धन्यवाद कहा। टूटी-फूटी अंग्रेजी और मुस्कान के जरिए उसने जो कहा, उसका भाव साफ था। उसने बताया कि उसने अक्सर सुना था कि पुलिस सख्त होती है। लेकिन यहां उसे लगा कि पुलिस लोगों की मदद भी दिल से करती है। उसने कहा कि वह जापान लौटकर अपने लोगों को जरूर बताएगा कि भारत में, खासकर झारखंड में, पुलिस ने उसकी कैसे मदद की। यह घटना भले कुछ घंटों की रही हो, लेकिन इसने एक विदेशी मेहमान के मन में भारत की अलग तस्वीर बना दी।
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