Godda : गोड्डा के महागामा थाना इलाके में पान दुकानदार अमीत मोदी की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। अब तक की जांच में पता चला है कि यह हत्या पूरी तरह सुनियोजित थी और इसमें मृतक का ही भाई और पत्नी शामिल थे। पुलिस ने तीनों अपराधियों को गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त गंडासा और अन्य सामान बरामद कर लिया है।
हत्या की रात और घटना का तरीका
27/28 जनवरी 2026 की रात अमीत मोदी (32 वर्ष) के साथ ऐसा हुआ, जिसे सुनकर इलाके में सन्नाटा छा गया। अज्ञात अपराधियों ने शराब पिलाने का बहाना बनाकर उसे घर से बाहर बुलाया और गंडासा से सिर पर हमला कर मौत के घाट उतार दिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए महागामा थाना ने कांड संख्या 12/26 दर्ज कर दी थी और गोड्डा एसपी ने एसडीपीओ चंद्रशेखर आजाद के नेतृत्व में SIT टीम का गठन किया।
SIT टीम की कार्रवाई
SIT टीम ने तकनीकी और मानवीय जानकारी का विश्लेषण करते हुए न सिर्फ मामले का खुलासा किया, बल्कि तीन आरोपियों को भी गिरफ्तार किया। गिरफ्तार अपराधियों ने अपनी संलिप्तता स्वीकार की और हत्या में प्रयुक्त गंडासा समेत अन्य सामान पुलिस को सौंप दिया।
हत्या की साजिश : देवर और भाभी का अवैध रिश्ता
जांच में पता चला कि अमीत मोदी की हत्या उसके ही परिवार में हुई साजिश का हिस्सा थी। मृतक की पत्नी सोनी देवी और देवर रोहीत मोदी पिछले 5-6 साल से अवैध संबंध में थे। योजना यह थी कि अमीत मोदी की हत्या कर रोहीत मोदी और सोनी देवी शादी कर लें। रोहीत मोदी ने अपने दोस्त मो० शाईन को एक लाख रुपए सुपारी दी और मो० शाईन ने मृतक के पड़ोसी बिजेन्द्र पासवान उर्फ बिदो को 25,000 रुपए में शामिल किया।
हत्या की तैयारी
मौके से पहले ही मो० शाईन और बिजेन्द्र पासवान ने गंडासा खरीद लिया था। घटना के दिन, शराब पिलाने के बहाने अमीत को घर से बुलाया गया और गंडासा से सिर पर हमला कर हत्या कर दी गई। इसी दौरान अमीत का मोबाइल उसकी पत्नी ने अपने पास रख लिया और बाद में गंगा स्नान के बहाने गंगा नदी में फेंक दिया, ताकि साक्ष्य मिट जाए।
गिरफ्तार आरोपी और उनके पते
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मो० शाईन आलम (उम्र 25 वर्ष, पिता मो० बदरुद्दीन), बिजेन्द्र पासवान उर्फ बिदो (उम्र 35 वर्ष, पिता गणेश पासवान) और सोनी देवी (उम्र 30 वर्ष, पति स्व० अमित कुमार मोदी) शामिल हैं। सभी आरोपी साए मांगन पीपरा के निवासी हैं।
जप्त सामान
हत्या में प्रयुक्त सामानों में पुलिस ने एक लोहा का गंडासा बरामद किया, साथ ही घटनास्थल से खून लगी मिट्टी, दो मोबाइल फोन और एक पारदर्शी प्लास्टिक की बोतल भी जब्त की गई, जिसमें महुआ शराब जैसी सामग्री पाई गई।
छापामारी टीम
छापामारी टीम में कई पुलिस अधिकारियों और जवानों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस टीम में महागामा प्रभाग के इंस्पेक्टर उपेन्द्र कुमार महतो, महागामा थानेदार मनोज कुमार पाल, महागामा थाना के SI रोमा कुमारी और जुगनु महथा, महागामा थाना के ASI खालीद अहमद खान, तथा थाना रिजर्व गार्ड के सशस्त्र बल शामिल थे। इनकी तत्परता और सघन जांच के चलते ही घटना का खुलासा संभव हो सका और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
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