New Delhi : करीब 18 साल के लंबे इंतजार के बाद भारत और यूरोपीय यूनियन (EU) के बीच FTA यानी मुक्त व्यापार समझौते को मंजूरी मिल गई है। दोनों पक्षों ने इस समझौते पर सहमति जताई है। इसे अब तक का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक व्यापार समझौता माना जा रहा है, जिसे ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहा जा रहा है। इस मौके पर पीएम नरेंद्र मोदी ने यूरोपीय यूनियन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के राष्ट्रपति एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा के साथ नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में संयुक्त रूप से मीडिया को संबोधित किया।

पीएम मोदी का बयान
पीएम मोदी ने कहा कि यह भारत और यूरोपीय संघ के रिश्तों में एक ऐतिहासिक क्षण है। उन्होंने कहा कि हाल ही में यूरोपीय यूनियन के नेता पहली बार भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और अब यह समझौता दोनों लोकतांत्रिक शक्तियों के संबंधों को नई दिशा देगा।
Addressing the joint press meet with European Council President António Costa and European Commission President Ursula von der Leyen.@eucopresident @vonderleyen @EUCouncil @EU_Commission https://t.co/0hh4YX8DHe
— Narendra Modi (@narendramodi) January 27, 2026
किसानों और छोटे उद्योगों को होगा फायदा
पीएम ने कहा कि इस समझौते से भारतीय किसानों और छोटे उद्योगों को यूरोपीय बाजार तक बेहतर पहुंच मिलेगी। इससे मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में नए अवसर पैदा होंगे और सेवा क्षेत्र में सहयोग और मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि यह केवल व्यापार समझौता नहीं, बल्कि साझा समृद्धि की नई रूपरेखा है।

27 देशों के साथ हुआ समझौता
पीएम मोदी ने बताया कि यह भारत के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा मुक्त व्यापार समझौता है। उन्होंने इसे एक सुखद संयोग बताते हुए कहा कि 27 तारीख को भारत ने यूरोपीय संघ के 27 देशों के साथ यह समझौता किया है।

वैश्विक सहयोग को मिलेगी मजबूती
पीएम मोदी ने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ की साझेदारी वैश्विक स्तर पर मजबूत होगी। इंडो-पैसिफिक से लेकर कैरेबियन क्षेत्र तक संयुक्त परियोजनाओं का विस्तार किया जाएगा। इससे सतत कृषि, स्वच्छ ऊर्जा और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा।
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