Bokaro : बोकारो जिले में वित्तीय अनुशासन को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया है। डीसी अजय नाथ झा ने मंगलवार को समाहरणालय सभागार में सभी डीडीओ (ड्रॉइंग एंड डिस्बर्सिंग ऑफिसर) के साथ बैठक कर साफ कहा कि सरकारी पैसे की एक भी गलत निकासी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि नियमों के उल्लंघन पर सीधे कार्रवाई होगी।
तीन वित्तीय वर्षों की जांच के निर्देश
बैठक में डीसी ने सभी डीडीओ को निर्देश दिया कि वे वित्तीय वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के दौरान स्थापना मद से हुई राशि निकासी की पूरी जांच करें। साथ ही प्रमाणपत्र भी दें कि झारखंड कोषागार संहिता 2016 की प्रविष्टि 20 का पूरी तरह पालन किया गया है। उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि जब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक अप्रैल महीने के बिलों का भुगतान नहीं किया जाएगा।
बिल प्रक्रिया में पारदर्शिता जरूरी
डीसी ने कहा कि अब सभी बिलों के हर पन्ने पर संबंधित अधिकारी के हस्ताक्षर अनिवार्य होंगे। बिल केवल ट्रेजरी मैसेंजर के माध्यम से ही जमा किए जाएंगे और बिल खिड़की के जरिए ही स्वीकार किए जाएंगे। इसके अलावा कोषागार कक्ष में अनधिकृत लोगों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगाने का निर्देश दिया गया है।
पे ग्रेड के आधार पर बनेगा बिल
भुगतान प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए डीसी ने निर्देश दिया कि अब कर्मचारियों के बिल कैटेगरी और पे ग्रेड लेवल के आधार पर तैयार किए जाएं। इससे निगरानी आसान होगी और गड़बड़ी की संभावना कम होगी।
कोषागार का औचक निरीक्षण
बैठक से पहले डीसी अजय नाथ झा ने बोकारो कोषागार का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कार्यप्रणाली की गहराई से समीक्षा की और अधिकारियों से जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान वेतन मद में करीब 3.15 करोड़ रुपये की निकासी से जुड़े मामले की भी जांच की गई।
दो सहायक लेखापाल हटाए गए
निरीक्षण के बाद डीसी ने सख्त कार्रवाई करते हुए कोषागार में कार्यरत दो सहायक लेखापाल शैलेंद्र सिंह चौधरी और चंदन कुमार रजक को उनके पद से हटा दिया। उनकी जगह सामाजिक सुरक्षा कार्यालय से अंगद कुमार और जिला भू-अर्जन कार्यालय से खगेन दास को प्रतिनियुक्त किया गया है।
लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
डीसी ने सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिया कि वित्तीय लेन-देन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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