New Delhi : NIA यानी राष्ट्रीय जांच एजेंसी की 5वीं एंटी-टेरर कॉन्फ्रेंस संपन्न हो गई। सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आतंकवाद पर ‘जीरो टॉलरेंस’ के संकल्प को दोहराया गया। केंद्र सरकार ने साफ कहा कि देश में किसी भी रूप में आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
NIA सम्मेलन का उद्घाटन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किया। अपने संबोधन में उन्होंने सभी राज्यों को एक समान और मजबूत एंटी-टेरर स्क्वॉड (एटीएस) ढांचा जल्द लागू करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बिना मजबूत और एकरूप व्यवस्था के खुफिया जानकारी का सही उपयोग और प्रभावी कार्रवाई संभव नहीं है।
गृह मंत्री ने पहलगाम और दिल्ली के लाल किले में हुए आतंकी हमलों के मामलों में एजेंसियों और राज्य पुलिस की कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने बताया कि पहलगाम हमले के मास्टरमाइंड और हमलावरों को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और ‘ऑपरेशन महादेव’ के तहत समाप्त किया गया। इसे उन्होंने आतंक के खिलाफ भारत की कड़ी और निर्णायक कार्रवाई बताया।
सम्मेलन में बदलते आतंकी खतरों और तकनीक पर भी चर्चा हुई। साइबर वॉर, हाइब्रिड वॉर, डिजिटल फॉरेंसिक, डेटा एनालिसिस और खुफिया सूचनाओं के बेहतर आदान-प्रदान पर जोर दिया गया। राज्यों को पुलिस और सुरक्षा बलों के नियमित प्रशिक्षण की सलाह दी गई।
इस दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। साथ ही देश की सुरक्षा में शहीद हुए 36 हजार से अधिक सीएपीएफ और पुलिस कर्मियों को श्रद्धांजलि दी गई।
सम्मेलन के समापन सत्र में केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने कहा कि यह सम्मेलन आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण मंच बन गया है। उन्होंने कट्टरपंथ, युवाओं की भर्ती और साइबर आधारित आतंकवाद पर सतर्क रहने की जरूरत बताई।
सम्मेलन में पहली बार ‘ट्रैक-2’ की शुरुआत की गई, जिसमें डिजिटल डिवाइस डेटा, बिग डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल पहचान उजागर करने जैसे विषयों पर चर्चा हुई। एनआईए की 90 प्रतिशत से अधिक सजा दर की भी सराहना की गई।
दो दिवसीय सम्मेलन में देशभर से 150 से अधिक अधिकारी शामिल हुए। उद्घाटन सत्र में केंद्रीय राज्य मंत्री नित्यानंद राय और बंदी संजय कुमार भी उपस्थित रहे।
Also Read : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु पहुंची रांची, गवर्नर और सीएम ने किया स्वागत


