Close Menu
Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Johar LIVEJohar LIVE
    • होम
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    Johar LIVE
    Home»जोहार ब्रेकिंग»हूल दिवस पर सिदो-कान्हू के वंशजों समेत 53 लोगों को SDM कोर्ट का नोटिस, चंपाई सोरेन ने सरकार को घेरा
    जोहार ब्रेकिंग

    हूल दिवस पर सिदो-कान्हू के वंशजों समेत 53 लोगों को SDM कोर्ट का नोटिस, चंपाई सोरेन ने सरकार को घेरा

    joharlive NetworkBy joharlive NetworkJune 30, 2026No Comments3 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link

    Sahebganj : अमर शहीद सिदो-कान्हू मुर्मू के 171वें हूल दिवस समारोह को लेकर साहेबगंज के भोगनाडीह में प्रशासन की कार्रवाई ने नया विवाद खड़ा कर दिया है. एसडीएम अमर जॉन आईन्द की अदालत ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126/135 के तहत 53 लोगों को नोटिस जारी किया है। नोटिस के जरिए कभी को  कोर्ट में हाजिर होने और 10 हजार रुपये का शांति बॉन्ड भरने का निर्देश दिया है. इनमें भोगनाडीह के ग्राम प्रधान बबलू हांसदा समेत कई ग्रामीण, सामाजिक कार्यकर्ता और आसपास के गांवों के लोग शामिल हैं. लिस्ट में तलबड़िया, पहाड़पुर, हड़वाडीह, किताजोर, सरायद्वान, भागाबांध, पथरा, पगरपहाड़ सहित बरहेट, बोरियो और तालझारी क्षेत्र के निवासी भी शामिल हैं. प्रशासन का कहना है कि हूल दिवस के मौके पर कानून व्यवस्था बिगड़ने की आशंका को देखते हुए यह कार्रवाई की गई है. वहीं पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने इसे आदिवासी समाज और हूल आंदोलन की विरासत का अपमान बताते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला है.

    क्या है पूरा मामला

    बरहेट थानेदार कुमार गौरव ने बीते 25 जून को एक नॉन एफआईआर रिपोर्ट एसडीएम को भेजी थी. रिपोर्ट में कहा गया कि 30 जून को आयोजित होने वाले 171वें हूल दिवस समारोह के दौरान कुछ लोगों की गतिविधियों से शांति और कानून व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है. इसी रिपोर्ट के आधार पर एसडीएम ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 126/135 के तहत कार्रवाई शुरू की. नोटिस में सभी 53 लोगों को निर्देश दिया गया कि वे कोर्ट में हाजिर होकर 10 हजार रुपये का निजी मुचलका और दो प्रतिभूतियों के साथ शांति बनाए रखने का बॉन्ड दाखिल करें. प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई किसी अपराध की सजा नहीं, बल्कि एहतियात के तौर पर की गई है ताकि समारोह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके.

    चंपाई सोरेन का हमला, कहा- सरकार ने वीर भूमि को पुलिस छावनी बना दिया

    इस कार्रवाई के बाद पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि हूल दिवस के दिन वीर भूमि भोगनाडीह को पुलिस छावनी में बदल दिया गया है. उनके अनुसार पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और 58 मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए हैं. चंपाई सोरेन ने कहा कि सन 1855 में जब वीर सिदो-कान्हू, चांद-भैरव और फूलो-झानो ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ हूल आंदोलन शुरू किया था, तब उन्होंने कभी नहीं सोचा होगा कि आजादी के इतने वर्षों बाद उनके अपने गांव के लोगों को उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए भी सरकार से अनुमति लेनी पड़ेगी और बॉन्ड भरना पड़ेगा. उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता के अहंकार में सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों को भूल चुकी है. उनके मुताबिक अब न अंग्रेजी शासन है और न राजतंत्र, फिर भी आदिवासी समाज के लोगों के साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि वीर सिदो-कान्हू की विरासत को कमजोर करने की कोशिश करने वालों को जनता जवाब देगी.

    क्या है BNSS की धारा 126?

    भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 का मकसद किसी व्यक्ति को सजा देना नहीं है. यदि कार्यकारी मजिस्ट्रेट को यह लगता है कि किसी व्यक्ति से सार्वजनिक शांति भंग होने की आशंका है, तो वह उससे कारण बताने और भविष्य में शांति बनाए रखने के लिए बॉन्ड भरने का निर्देश दे सकता है. इस प्रक्रिया में व्यक्ति से एक निश्चित समय तक शांति बनाए रखने का निजी मुचलका और जरूरत पड़ने पर जमानती भी मांगे जा सकते हैं. यदि व्यक्ति नियमों का पालन करता है तो उसके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं होती.

    including descendants of Sido-Kanhu on Hool Diwas; Champai Soren targets the government. SDM court issues notices to 53 people चंपाई सोरेन ने सरकार को घेरा हूल दिवस पर सिदो-कान्हू के वंशजों समेत 53 लोगों को SDM कोर्ट का नोटिस
    Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on Instagram Follow on YouTube Follow on WhatsApp Follow on Telegram
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Previous Articleसरला भट्ट : जिस नर्स की ची’खें घाटी में गूंजती रही… 36 साल बाद इंसाफ की दस्तक
    Next Article रामगढ़ डीसी की चल संपत्तियां और सरकारी गाड़ियां होंगी कुर्क, कोर्ट ने क्यों दिया आदेश?

    Related Posts

    जोहार ब्रेकिंग

    रामगढ़ डीसी की चल संपत्तियां और सरकारी गाड़ियां होंगी कुर्क, कोर्ट ने क्यों दिया आदेश?

    June 30, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    सरला भट्ट : जिस नर्स की ची’खें घाटी में गूंजती रही… 36 साल बाद इंसाफ की दस्तक

    June 30, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    100 सीसीटीवी कैमरा, 8 टीम और आखिरकार पुलिस ने ढूंढ निकाला बच्चों को

    June 29, 2026
    Latest Posts

    रामगढ़ डीसी की चल संपत्तियां और सरकारी गाड़ियां होंगी कुर्क, कोर्ट ने क्यों दिया आदेश?

    June 30, 2026

    हूल दिवस पर सिदो-कान्हू के वंशजों समेत 53 लोगों को SDM कोर्ट का नोटिस, चंपाई सोरेन ने सरकार को घेरा

    June 30, 2026

    सरला भट्ट : जिस नर्स की ची’खें घाटी में गूंजती रही… 36 साल बाद इंसाफ की दस्तक

    June 30, 2026

    100 सीसीटीवी कैमरा, 8 टीम और आखिरकार पुलिस ने ढूंढ निकाला बच्चों को

    June 29, 2026

    जोहार लाइव EXPOSE : बोकारो ट्रेजरी घोटाला के मास्टरमांड कौशल पांडेय का खुलासा, 50 से अधिक बार में किया 4.29 करोड़ घोटाला

    June 29, 2026

    Facebook X (Twitter) Instagram
    © 2026 Johar LIVE. | About Us | AdSense Policy | Privacy Policy | Terms and Conditions | Contact Us

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.