Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    3 May, 2026 ♦ 4:01 PM
    • About Us
    • Contact Us
    • Webmail
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube Telegram WhatsApp
    Johar LIVEJohar LIVE
    • होम
    • देश
    • विदेश
    • झारखंड
      • कोडरमा
      • खूंटी
      • गढ़वा
      • गिरिडीह
      • गुमला
      • गोड्डा
      • चतरा
      • चाईबासा
      • जमशेदपुर
      • जामताड़ा
      • दुमका
      • देवघर
      • धनबाद
      • पलामू
      • पाकुड़
      • बोकारो
      • रांची
      • रामगढ
      • लातेहार
      • लोहरदगा
      • सराइकेला-खरसावां
      • साहेबगंज
      • सिमडेगा
      • हजारीबाग
    • राजनीति
    • बिहार
    • कारोबार
    • खेल
    • सेहत
    • अन्य
      • मनोरंजन
      • शिक्षा
      • धर्म/ज्योतिष
    Johar LIVEJohar LIVE
    Home»झारखंड»कस्टोडियल डेथ पर राहत, परिवारों को मिलेगा 10 लाख रुपये का सहारा
    झारखंड

    कस्टोडियल डेथ पर राहत, परिवारों को मिलेगा 10 लाख रुपये का सहारा

    Muskan ChoudharyBy Muskan ChoudharyMay 3, 2026No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link

    Ranchi : केंद्र और राज्य स्तर पर कस्टोडियल डेथ (पुलिस या न्यायिक हिरासत में मौत) के मामलों को लेकर सरकार ने अब सख्त रुख अपना लिया है। ताजा निर्णय के तहत ऐसे मामलों में पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता के तौर पर 10 लाख रुपये तक की मदद देने का प्रावधान किया गया है।  इस फैसले का मकसद उन परिवारों को तुरंत राहत देना है, जिनका कमाने वाला सदस्य हिरासत में मौत का शिकार हो जाता है। कई राज्यों और अदालतों के फैसलों में पहले भी कस्टोडियल डेथ को गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन माना गया है और मुआवजे का आदेश दिया गया है।

    अदालतों की सख्ती के बाद आया कदम

    देश की अदालतें लगातार ऐसे मामलों में सरकारों को जिम्मेदार ठहरा रही हैं। कई मामलों में सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट ने साफ कहा है कि हिरासत में मौत मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है और पीड़ित परिवारों को मुआवजा मिलना चाहिए। कस्टोडियल डेथ को संविधान के अनुच्छेद 21 (जीवन के अधिकार) का गंभीर उल्लंघन माना जाता है। इसी वजह से अदालतें और मानवाधिकार आयोग लगातार ऐसे मामलों में जांच और मुआवजे पर जोर देते रहे हैं।

    देशभर में उठ रहे हैं सवाल

    हाल के वर्षों में हिरासत में मौत के मामलों को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। संसद और मानवाधिकार रिपोर्टों में भी ऐसे मामलों की संख्या को लेकर चिंता जताई गई है। सरकार के इस फैसले के बाद उम्मीद है कि न सिर्फ पीड़ित परिवारों को तुरंत राहत मिलेगी, बल्कि पुलिस और प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही भी और मजबूत होगी।

    Also Read : हजारीबाग में कार्यपालक अभियंता की गिरफ्तारी के बाद भी नहीं हुआ निलंबन, कर्मचारियों का विरोध तेज

    Breaking News India Compensation Scheme custodial death government decision government policy Human Rights india news Justice System law and order Legal News Police Custody Death Supreme Court India Victim Compensation
    Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on Instagram Follow on YouTube Follow on WhatsApp Follow on Telegram
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Previous Articleहजारीबाग में कार्यपालक अभियंता की गिरफ्तारी के बाद भी नहीं हुआ निलंबन, कर्मचारियों का विरोध तेज
    Next Article बरही बैंक ऑफ महाराष्ट्र लूटकांड में 3 गिरफ्तार, सोशल मीडिया से जानकारी हासिल कर की थी लूट की प्लानिंग

    Related Posts

    झारखंड

    स्कूली बच्चों को जनगणना अभियान से जोड़ने की पहल, पलामू में जागरूकता कार्यक्रम शुरू

    May 3, 2026
    जमशेदपुर

    जमशेदपुर में पीएम आवास योजना के लाभार्थियों का फूटा गुस्सा, बोले- 6 मई को खुद करेंगे गृहप्रवेश

    May 3, 2026
    झारखंड

    रांची में 5 से 11 मई तक गूंजेगी शिव महापुराण कथा, सीएम हेमंत को मिला मुख्य अतिथि बनने का आमंत्रण

    May 3, 2026
    Latest Posts

    स्कूली बच्चों को जनगणना अभियान से जोड़ने की पहल, पलामू में जागरूकता कार्यक्रम शुरू

    May 3, 2026

    जमशेदपुर में पीएम आवास योजना के लाभार्थियों का फूटा गुस्सा, बोले- 6 मई को खुद करेंगे गृहप्रवेश

    May 3, 2026

    रांची में 5 से 11 मई तक गूंजेगी शिव महापुराण कथा, सीएम हेमंत को मिला मुख्य अतिथि बनने का आमंत्रण

    May 3, 2026

    रांची में नशा के कारोबार पर कड़ा प्रहार, तमाड़ जंगल से 700 किलो डोडा जब्त

    May 3, 2026

    नारी शक्ति वंदन एक्ट पर बाबूलाल मरांडी का हमला, विधानसभा सत्र बुलाने की मांग

    May 3, 2026

    © 2026 Johar LIVE. Designed by Launching Press. | About Us | AdSense Policy | Privacy Policy | Terms and Conditions | Contact Us

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.