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    Home»झारखंड»कस्टोडियल डेथ पर राहत, परिवारों को मिलेगा 10 लाख रुपये का सहारा
    झारखंड

    कस्टोडियल डेथ पर राहत, परिवारों को मिलेगा 10 लाख रुपये का सहारा

    Muskan ChoudharyBy Muskan ChoudharyMay 3, 2026No Comments2 Mins Read1
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    Ranchi : केंद्र और राज्य स्तर पर कस्टोडियल डेथ (पुलिस या न्यायिक हिरासत में मौत) के मामलों को लेकर सरकार ने अब सख्त रुख अपना लिया है। ताजा निर्णय के तहत ऐसे मामलों में पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता के तौर पर 10 लाख रुपये तक की मदद देने का प्रावधान किया गया है।  इस फैसले का मकसद उन परिवारों को तुरंत राहत देना है, जिनका कमाने वाला सदस्य हिरासत में मौत का शिकार हो जाता है। कई राज्यों और अदालतों के फैसलों में पहले भी कस्टोडियल डेथ को गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन माना गया है और मुआवजे का आदेश दिया गया है।

    अदालतों की सख्ती के बाद आया कदम

    देश की अदालतें लगातार ऐसे मामलों में सरकारों को जिम्मेदार ठहरा रही हैं। कई मामलों में सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट ने साफ कहा है कि हिरासत में मौत मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है और पीड़ित परिवारों को मुआवजा मिलना चाहिए। कस्टोडियल डेथ को संविधान के अनुच्छेद 21 (जीवन के अधिकार) का गंभीर उल्लंघन माना जाता है। इसी वजह से अदालतें और मानवाधिकार आयोग लगातार ऐसे मामलों में जांच और मुआवजे पर जोर देते रहे हैं।

    देशभर में उठ रहे हैं सवाल

    हाल के वर्षों में हिरासत में मौत के मामलों को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। संसद और मानवाधिकार रिपोर्टों में भी ऐसे मामलों की संख्या को लेकर चिंता जताई गई है। सरकार के इस फैसले के बाद उम्मीद है कि न सिर्फ पीड़ित परिवारों को तुरंत राहत मिलेगी, बल्कि पुलिस और प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही भी और मजबूत होगी।

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