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    Home»JPSC / JSSC»सीजीएल केस में अभय से साइबर थाने में पूछताछ जारी, खुलेंगी कई परतें
    JPSC / JSSC

    सीजीएल केस में अभय से साइबर थाने में पूछताछ जारी, खुलेंगी कई परतें

    joharlive NetworkBy joharlive NetworkAugust 23, 2026No Comments3 Mins Read7
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    रांची: जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितता की जांच कर रही सीआईडी रविवार को अभय तिवारी से साइबर थाने में पूछताछ कर रही है. अभय को रिमांड पर लेकर चल रही पूछताछ में सीआईडी उसके पहले के बयान और अब तक सामने आए तथ्यों को आमने-सामने रखकर परीक्षा में कथित पेपर लीक के नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है. इस मामले में अभय तिवारी के अलावा उसके भाई अक्षय कुमार तिवारी और पत्नी सुषमा कुमारी को भी रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है. वहीं, सीआईडी 18 संदिग्ध और संबंधित लोगों से पहले ही पूछताछ कर चुकी है.

    अभय तिवारी की भूमिका इस जांच में इसलिए अहम है, क्योंकि पूछताछ के दौरान उसके कथित स्वीकारोक्ति बयान में सीजीएल परीक्षा को लेकर कई गंभीर तथ्य सामने आए थे. उसके बयान के मुताबिक, टीडीपीएल के डी-इंपैनलमेंट के बाद वेबल एजेंसी सीजीएल परीक्षा का संचालन कर रही थी. इसी दौरान उसका संपर्क वेबल एजेंसी से जुड़े उमाकांत प्रमाणिक से हुआ और उसके माध्यम से परीक्षा के प्रश्नों के उत्तर पहले ही मिलने का दावा किया गया.

    बोकारो के क्वार्टर में 16 लोगों को पढ़ाए गए थे उत्तर

    अभय के कथित बयान के मुताबिक, बोकारो स्थित एक क्वार्टर में उसके अलावा 15 अन्य लोगों को सीजीएल परीक्षा के प्रश्नों के उत्तर पढ़ाए गए थे. इस दौरान मिथिलेश सिंह और राकेश सिंह के मौजूद रहने की बात भी उसके बयान में सामने आई थी.

    जांच में सामने आए उसके बयान के मुताबिक, कुल 65 प्रश्नों के उत्तर पहले से रटाए गए थे. इसके एवज में प्रति परीक्षार्थी 12 लाख रुपये लिए जाने की बात भी कही गई थी. अभय ने अपने बयान में दावा किया था कि प्रश्नों के उत्तर पहले से मिल जाने के कारण सीजीएल परीक्षा में उसका रैंक 48 आया.
    अभय के बयान में यह भी सामने आया था कि उसके भाई अक्षय तिवारी और पत्नी सुषमा कुमारी ने भी जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा पास की थी. दोनों की गिरफ्तारी के बाद सीआईडी अब तीनों से एक साथ और अलग-अलग पूछताछ कर परीक्षा से जुड़े तथ्यों का मिलान कर रही है.

    एजेंट नेटवर्क की कड़ी भी जांच के केंद्र में

    सीजीएल मामले की जांच में केवल प्रश्नों के कथित तौर पर पहले से उपलब्ध होने का पहलू ही नहीं, बल्कि अभ्यर्थियों तक पहुंचने वाले नेटवर्क की भी पड़ताल हो रही है. सीआईडी के सामने पूछताछ में मो. एबाद के कथित बयान में श्वेता और अभय के कहने पर एजेंटों के जरिए कैंडिडेट लाए जाने की बात सामने आने का दावा किया गया है.

    यानी जांच अब दो अहम कड़ियों को जोड़ने में लगी है – परीक्षा से पहले प्रश्नों के उत्तर कथित तौर पर उपलब्ध कराने वाला नेटवर्क और उन अभ्यर्थियों तक पहुंचने वाला एजेंट नेटवर्क. दोनों कड़ियों के बीच कौन-कौन लोग जुड़े थे, किस स्तर पर किसकी भूमिका थी और पैसे का लेनदेन कैसे हुआ, यह सीआईडी की पूछताछ के प्रमुख बिंदुओं में शामिल है.

    सीजीएल परीक्षा को सरकार पहले ही रद्द कर चुकी है. इसके बाद जांच का दायरा भी बढ़ा है. अब सीआईडी यह पता लगाने में जुटी है कि परीक्षा में कथित अनियमितता की शुरुआत कहां से हुई, प्रश्नों के उत्तर किन लोगों तक पहुंचे, अभ्यर्थियों को कौन लेकर आया और इस पूरे नेटवर्क में पैसे का लेनदेन किन लोगों के बीच हुआ.

    रविवार को साइबर थाने में जारी अभय तिवारी की पूछताछ इसी कड़ी में अहम मानी जा रही है. जांच आगे बढ़ने के साथ इस कथित नेटवर्क में शामिल नए नाम सामने आने की संभावना बनी हुई है.

    Also Read: जेएसएससी-सीजीएल केस में सीआईडी की जांच तेज, अभय तिवारी समेत तीन रिमांड पर, 18 संदिग्धों से पूछताछ

    अभय तिवारी अभय तिवारी के भाई अक्षय तिवारी और उनकी पत्नी सुषमा पांडेय
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