Imphal : मणिपुर में करीब एक वर्ष बाद राष्ट्रपति शासन हटा लिया गया है। राज्य में 13 फरवरी 2025 से राष्ट्रपति शासन लागू था, जिसके बाद 60 सदस्यीय विधानसभा को निलंबित कर दिया गया था। विधानसभा का कार्यकाल वर्ष 2027 तक है। राष्ट्रपति शासन हटने के बाद सरकार गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है। नवनियुक्त भाजपा विधायक दल के नेता युमनाम खेमचंद सिंह ने मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया। इसके बाद वे अपने आवास लौट गए। सूत्रों के अनुसार राज्य में दो उपमुख्यमंत्री भी बनाए जा सकते हैं।
विधायक दल के नेता चुने गए खेमचंद सिंह
भाजपा विधायक दल की बैठक मंगलवार 3 फरवरी 2026 को आयोजित की गई, जिसमें पार्टी के 37 विधायकों में से 35 विधायक उपस्थित रहे। बैठक में केंद्रीय पर्यवेक्षक तरुण चुघ, पूर्वोत्तर प्रभारी संबित पात्रा और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ए. शारदा देवी की मौजूदगी में युमनाम खेमचंद सिंह को सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुना गया।
विधानसभा का मौजूदा गणित
मणिपुर विधानसभा में वर्तमान में भाजपा के 37 विधायक हैं। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के 32 उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की थी। जदयू ने छह सीटें जीती थीं, जिनमें से पांच विधायक बाद में भाजपा में शामिल हो गए। अन्य दलों में नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के छह, नगा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) के पांच, कांग्रेस के पांच, कुकी पीपुल्स अलायंस के दो, जदयू का एक और तीन निर्दलीय विधायक शामिल हैं।
सरकार गठन को लेकर हुईं कई दौर की बैठकें
बीते कुछ महीनों में भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने अपने मैतेई और कुकी विधायकों, सहयोगी दल एनपीपी व एनपीएफ तथा कुछ निर्दलीय विधायकों के साथ कई दौर की बैठकें कीं। इन बैठकों का उद्देश्य यह आकलन करना था कि राज्य में सरकार गठन के लिए राजनीतिक हालात अनुकूल हैं या नहीं। राष्ट्रपति शासन हटने के बाद अब मणिपुर में जल्द नई सरकार के गठन की संभावना जताई जा रही है।
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