Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    18 Apr, 2026 ♦ 7:04 AM
    • About Us
    • Contact Us
    • Webmail
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube Telegram WhatsApp
    Johar LIVEJohar LIVE
    • होम
    • देश
    • विदेश
    • झारखंड
      • कोडरमा
      • खूंटी
      • गढ़वा
      • गिरिडीह
      • गुमला
      • गोड्डा
      • चतरा
      • चाईबासा
      • जमशेदपुर
      • जामताड़ा
      • दुमका
      • देवघर
      • धनबाद
      • पलामू
      • पाकुड़
      • बोकारो
      • रांची
      • रामगढ
      • लातेहार
      • लोहरदगा
      • सराइकेला-खरसावां
      • साहेबगंज
      • सिमडेगा
      • हजारीबाग
    • राजनीति
    • बिहार
    • कारोबार
    • खेल
    • सेहत
    • अन्य
      • मनोरंजन
      • शिक्षा
      • धर्म/ज्योतिष
    Johar LIVEJohar LIVE
    Home»जोहार ब्रेकिंग»बिहार : पितृपक्ष के पूर्व ‘मोक्षस्थली’ गया में सन्नाटा, ऑनलाइन पिंडदान के विरोध में पंडासमाज
    जोहार ब्रेकिंग

    बिहार : पितृपक्ष के पूर्व ‘मोक्षस्थली’ गया में सन्नाटा, ऑनलाइन पिंडदान के विरोध में पंडासमाज

    Team JoharBy Team JoharSeptember 2, 2020No Comments3 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link

    Joharlive Desk

    गया। पितृपक्ष में पितरों को मोक्ष दिलाने की कामना के साथ बिहार के गया आने वाले पिंडदानी इस पितृपक्ष में यहां नहीं पहुंच पाए। सरकार द्वारा कोरोना काल में धार्मिक आयोजनों पर रोक लगाए जाने के बाद जिला प्रशासन ने भी भी इस साल पितृपक्ष मेले पर रोक लगा दी है।

    इस साल दो सितंबर से शुरू होने वाले पितृपक्ष के एक दिन पहले तक ‘वष्णुनगरी’ गया में पिंडदानियों के नहीं पहुंचने के कारण सन्नाटा पसरा है।

    बता दें कि पुरखों (पूर्वजों) को पिंडदान करने के लिए पितृपक्ष में देश, दुनिया के श्रद्घालु यहां पहुंचते हैं।

    पितृपक्ष प्रारंभ होने के एक दिन पहले पुनपुन नदी में तर्पण, पिंडदान कर श्रद्घालु यहां पहुचते हैं और पितृपक्ष प्रारंभ होने के साथ विभिन्न पिंडवेदियों पर पिंडदान करते हैं। इस बार मेले को रद्द करने के बाद प्रशासन तीर्थयात्रियों को गया पहुंचने के लिए मना कर रहा है।

    इधर, गया के पंडों ने ऑनलाइन पिंडदान का भी विरोध करते हुए इसका बहिष्कार कर दिया है। तीर्थ और वृत्ति सुधारिणी सभा के अध्यक्ष गजाधर लाल कटियार ने आईएएनएस को बताया कि मोक्षस्थली गया में पिंडदान ना कभी रुका है और ना कभी रुकेगा।

    उन्होंने कहा, श्रद्घा से ही श्राद्घ की उत्पति हुई है। ऑनलाइन पिंडदान की कई संस्थाओं ने व्यवस्था की है, लेकिन हमलोगों ने इसका विरोध किया है।

    उन्होंने बताया, “धर्मशास्त्र में कहीं भी ऑनलाइन की व्यवस्था का उल्लेख नहीं है। पिंडदान पुत्रों द्वारा पितृऋण से मुक्ति का मार्ग है, लेकिन जब पुत्र ही उपस्थित नहीं होगा तो फि र यह तो धोखा है।”

    इधर, गया पंडा समाज के पंडा महेश लाल गायब कहते हैं कि ऑनलाइन और ई पिंडदान रोकने के लिए पंडा समाज के लोगों द्वारा 21 सदस्यीय कमिटी का गठन किया गया है। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि करीब 700 ऑनलाइन बुकिंग रद्द कर दी गई है।

    उन्होंने कहा कि ऑनलाइन पिंडदान आस्था के साथ धोखा है। पिंडदान के लिए पिंडवेदियों पर आना होगा, तभी पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होगी।

    हिन्दु धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पितरों की आत्मा की शांति एवं मुक्ति के लिए पिंडदान अहम कर्मकांड है। आश्विन मास के कृष्ण पक्ष को ‘पितृपक्ष’ या ‘महालय पक्ष’ कहा जाता है, जिसमें लोग अपने पुरखों का पिंडदान करते हैं।

    मान्यता है कि पिंडदान करने से मृतात्मा को मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है। ऐसे तो पिंडदान के लिए कई धार्मिक स्थान हैं परंतु सबसे उपयुक्त स्थल बिहार के गया को माना जाता है।

    उल्लेखनीय है कि पितृपक्ष मेले को राजकीय मेले का दर्जा मिला हुआ है। इस मेले में कर्मकांड का विधि-विधान कुछ अलग प्रकार का है। श्रद्घालु एक दिन, तीन दिन, सात दिन, 15 दिन और 17 दिन तक का कर्मकांड करते हैं। कर्मकांड करने आने वाले श्रद्घालु यहां रहने के लिए तीन-चार महीने पूर्व से ही इसकी व्यवस्था कर चुके होते हैं।

    breaking news in hindi gaya news gaya news in hindi hindi news news in hindi online pinddaan pandasamaj pitru paksha Pitrupaksha real time news sharadh silencemokshasthali gaya
    Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on Instagram Follow on YouTube Follow on WhatsApp Follow on Telegram
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Previous Articleबिहार : लोकसभा चुनाव से सबक लेते हुए तेजप्रताप के ‘बगावती’ तेवर को रोकने में जुटा राजद
    Next Article घर से काम करते हुए 3 में से 1 भारतीय ने हर महीने बचाए करीब 5 हजार रुपए

    Related Posts

    जोहार ब्रेकिंग

    झारखंड में एक साथ 46 IPS अधिकारियों का तबादला… देखें लिस्ट

    April 18, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    झारखंड में 17 IAS अधिकारियों का तबादला, कई जिलों के डीसी बदले

    April 18, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    मेयर संजीव सिंह के समर्थक शुभम यादव को घर में घुसकर मा’री गोली, हालत गंभीर

    April 17, 2026
    Latest Posts

    झारखंड में एक साथ 46 IPS अधिकारियों का तबादला… देखें लिस्ट

    April 18, 2026

    झारखंड में 17 IAS अधिकारियों का तबादला, कई जिलों के डीसी बदले

    April 18, 2026

    मेयर संजीव सिंह के समर्थक शुभम यादव को घर में घुसकर मा’री गोली, हालत गंभीर

    April 17, 2026

    बिजली दर बढ़ी तो BJP आक्रामक, आदित्य साहू बोले- अब सड़कों पर होगा विरोध

    April 17, 2026

    रामगढ़ में ट्रेजरी घोटाले का खुलासा, पशुपालन विभाग से 35 लाख की अवैध निकासी

    April 17, 2026

    © 2026 Johar LIVE. Designed by Launching Press. | About Us | AdSense Policy | Privacy Policy | Terms and Conditions | Contact Us

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.