झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने JSSC और JPSC से जुड़े कथित घोटाले को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि जब जांच की जिम्मेदारी भ्रष्ट अधिकारियों को दी जाएगी और JSSC व JPSC जैसे संवैधानिक संस्थानों में भ्रष्ट अधिकारियों को अध्यक्ष, सदस्य और सचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर बैठाया जाएगा, तो ऐसे ही परिणाम सामने आएंगे.
मीडिया से बातचीत में मरांडी ने कहा कि एल. ख्यांग्ते के कामकाज से पूरा राज्य परिचित है. सचिवालय में उनका कार्यकाल कैसा रहा, यह किसी से छिपा नहीं है. उन्होंने कहा कि जब महत्वपूर्ण पदों पर ऐसे लोगों की नियुक्ति होगी तो निष्पक्ष और पारदर्शी व्यवस्था की उम्मीद नहीं की जा सकती.
सब दिखावटी भरोसा करना मुश्किल, कोर्ट निगरानी में हो जांच
मरांडी ने हेमंत सरकार की कार्रवाई पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अध्यक्ष ने इस्तीफा दे दिया है और कुछ लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है, लेकिन यह कार्रवाई केवल दिखावटी नजर आती है. उन्होंने कहा कि सरकार की जांच पर भरोसा करना मुश्किल है, क्योंकि पहले भी जनता ऐसी जांचों का परिणाम देख चुकी है.
नेता प्रतिपक्ष ने मांग की कि पूरे मामले की जांच अदालत की निगरानी में कराई जाए और जांच के लिए स्पष्ट समय-सीमा तय की जाए, ताकि तय अवधि के भीतर रिपोर्ट सामने आ सके. उनका कहना था कि निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच से ही जनता का भरोसा बहाल हो सकता है.
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