RSS प्रमुख मोहन भागवत आज न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में एक बड़े कार्यक्रम को संबोधित करने वाले हैं. लेकिन भाषण से पहले ही अमेरिका में इस आयोजन को लेकर सियासी घमासान मच गया है. न्यूयॉर्क के मेयर से लेकर कई मानवाधिकार संगठन तक, इसका खुलकर विरोध कर रहे हैं.
कार्यक्रम क्या है और कौन करा रहा है
यह कार्यक्रम “यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन” के नाम से हो रहा है, जिसमें इस्लाम, ईसाई और यहूदी धर्मगुरु भी मंच पर साथ नज़र आएंगे. आयोजकों का दावा है कि पांच हज़ार से ज़्यादा लोग और सौ से अधिक हिंदू मंदिर, योग व सांस्कृतिक संगठन इसमें हिस्सा लेंगे. यह आयोजन मैडिसन स्क्वायर गार्डन के इन्फोसिस थिएटर में हो रहा है, जिसे अमेरिकन हिंदूज़ फॉर इंगेजमेंट एंड डायलॉग यानी AHEAD फोरम करा रहा है. भागवत 25 अगस्त को न्यूयॉर्क पहुंचे थे और यह उनके तीन देशों (अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन) के दौरे का पहला पड़ाव है. यह पूरा दौरा RSS के सौ साल पूरे होने के मौके पर हो रहा है.
विरोध की शुरुआत कैसे हुई
सबसे तीखा विरोध न्यूयॉर्क के मेयर ज़ोहरान ममदानी की तरफ से आया, जो खुद पहले भारतीय-अमेरिकी और मुस्लिम मेयर हैं. उन्होंने कहा कि वे भारत को हमेशा एक धर्मनिरपेक्ष और बहुलतावादी देश मानते आए हैं, और ऐसी सोच का उभरना उन्हें परेशान करता है जो किसी देश को बहिष्कारवादी नज़र से देखे. हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि कार्यक्रम रोकने का कानूनी हक शहर प्रशासन के पास नहीं है. इसी बीच कांग्रेस उम्मीदवार ब्रैड लैंडर और सिटी काउंसिल के सदस्यों ने सिटी हॉल के बाहर प्रदर्शन भी किया.
अलग-अलग मोर्चों से दबाव
हिंदूज़ फॉर ह्यूमन राइट्स ने मैडिसन स्क्वायर गार्डन प्रशासन से कार्यक्रम रद्द करने की मांग रखी. इंडियन अमेरिकन मुस्लिम काउंसिल ने तो अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो को हज़ार से ज़्यादा हस्ताक्षर वाला पत्र भेजकर भागवत का वीज़ा रद्द करने तक की मांग कर डाली, हालांकि तब तक उन्हें वीज़ा मिल चुका था. अमेरिकी आयोग USCIRF की टिप्पणी को भारत के विदेश मंत्रालय ने पक्षपाती बताकर खारिज किया. वहीं हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन ने बढ़ते विरोध को देखते हुए अपने समुदाय के लिए सुरक्षा एडवाइज़री तक जारी कर दी. आयोजकों का कहना है कि यह पूरी तरह सांस्कृतिक और अंतरधार्मिक आयोजन है, इसका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं.
अब सबकी नज़र भागवत के असली भाषण पर है कि क्या वो विरोध की धार को कम कर पाएंगे, या न्यूयॉर्क में यह बहस और गहराएगी.
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