Ranchi : विधानसभा के बजट सत्र में शुक्रवार को विधायक नीरा यादव ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग तथा महिला, बाल विकास और सामाजिक सुरक्षा विभाग के बजट कटौती प्रस्ताव पर अपनी राय व्यक्त की। नीरा यादव ने कहा कि सरकार सत्ता में आने से पहले ओबीसी के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की घोषणा कर चुकी थी, लेकिन चुनाव जीतने के बाद यह केवल कागजों तक ही सीमित रह गई। उन्होंने सरकार से इस पर तुरंत कार्रवाई करने की मांग की। विधायक ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष में “दिल्ली फोबिया” दिखाई दे रहा है और उन्हें अनुभवी डॉक्टर से सलाह लेने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि पहले वृद्ध पेंशन और दिव्यांग पेंशन 600 रुपये थी, जिसे पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास की सरकार ने 1000 रुपये प्रतिमाह तक बढ़ाया। अब समय आ गया है कि इसे और बढ़ाया जाए।
नीरा यादव ने कहा कि साहेबगंज, गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा सहित कई जिलों में ओबीसी आरक्षण घटाकर शून्य कर दिया गया है, जो गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने आउटसोर्सिंग में आरक्षण लागू करने की घोषणा का भी हवाला दिया, लेकिन जमीन पर इसका कोई असर नहीं दिखता। ओबीसी, एसटी और एससी छात्रों को जाति प्रमाण पत्र बनवाने में कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। उन्होंने सुझाव दिया कि स्थानीय स्तर पर शिविर लगाकर प्रमाण पत्र बनाने की सुविधा दी जाए, ताकि छात्रों को अंचल और प्रखंड कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
विधायक ने यह भी कहा कि बजट में शून्य से 18 साल तक के बच्चों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं शामिल हैं, लेकिन इनका असर धरातल पर दिखाई नहीं देता। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों की खराब स्थिति और बच्चों में कुपोषण की समस्या पर चिंता जताई। कोडरमा के आदिवासी छात्रावास की जर्जर हालत और बासी भोजन परोसने की शिकायतों का भी उन्होंने हवाला दिया। इसके साथ ही जामताड़ा में 13 साल की बच्ची की मौत का मामला स्वास्थ्य व्यवस्था की लापरवाही को उजागर करता है।
सदन में इस दौरान विधायक प्रदीप यादव ने बीच में हस्तक्षेप किया, जिस पर विधानसभा अध्यक्ष ने उन्हें अपना समय आने पर बोलने की नसीहत दी। इस पर सदन में कुछ समय के लिए हंगामा भी हुआ और भाजपा के अन्य सदस्यों ने आपत्ति जताई। नीरा यादव ने कहा कि वरिष्ठ नेता होने का मतलब यह नहीं कि वही सबसे ज्यादा ज्ञानी हैं। उन्होंने सरकार से आदिवासी हित में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
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