Ranchi : झारखंड में नशे के कारोबार पर लगाम कसने की कवायद तेज हो गई है। राजधानी रांची में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की ओर से एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें मादक पदार्थों से जुड़े मामलों की समीक्षा की गई। इस बैठक में CID के अधिकारियों के साथ अलग-अलग जिलों के पुलिस पदाधिकारी और जांच एजेंसियों के अधिकारी शामिल हुए। बैठक का मुख्य फोकस उन मामलों पर रहा, जो लंबे समय से लंबित हैं और जिनका निष्पादन तेजी से किया जाना जरूरी है। बैठक में राज्यभर में दर्ज ड्रग्स से जुड़े मामलों की विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों ने साफ कहा कि सिर्फ केस दर्ज कर देना काफी नहीं है, बल्कि जांच को मजबूत बनाकर मामलों को तार्किक अंजाम तक पहुंचाना भी जरूरी है। इस दौरान एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामलों में समय पर चार्जशीट दाखिल करने, जांच में तेजी लाने और कोर्ट प्रक्रिया को मजबूत करने पर जोर दिया गया। मकसद साफ है कि नशे के कारोबार में शामिल लोगों को जल्द कानूनी शिकंजे में लाया जाए।
जब्त मादक पदार्थों के निष्पादन पर भी चर्चा
बैठक में सिर्फ जांच और केस की बात नहीं हुई, बल्कि जब्त किए गए मादक पदार्थों के समय पर निष्पादन पर भी चर्चा की गई। कई बार जब्त सामान लंबे समय तक प्रक्रियाओं में फंसा रहता है, जिससे सिस्टम पर अतिरिक्त दबाव बनता है। ऐसे मामलों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
ड्रग नेटवर्क तोड़ने के लिए एजेंसियों में बेहतर तालमेल पर जोर
बैठक में इस बात पर भी मंथन हुआ कि ड्रग्स तस्करी अब सिर्फ एक जिले या एक इलाके तक सीमित नहीं है। ऐसे में अलग-अलग एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय बेहद जरूरी है। अधिकारियों ने तकनीकी जांच को और मजबूत करने, सूचना साझा करने और संगठित नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई की रणनीति पर चर्चा की। कहा गया कि नशे के कारोबार पर रोक लगाने के लिए लगातार अभियान जारी रहेगा। बैठक के बाद साफ संकेत है कि आने वाले दिनों में ड्रग्स तस्करों के खिलाफ और सख्त कार्रवाई देखने को मिल सकती है। पुलिस और जांच एजेंसियों को साफ संदेश दिया गया है कि मामलों में ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी।
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