नवरात्रि की सप्तमी तिथि मां दुर्गा के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की आराधना को समर्पित है. मां कालरात्रि को नकारात्मक शक्तियों का नाश करने वाली और भक्तों को भय से मुक्ति दिलाने वाली देवी माना जाता है.
मान्यता है कि विधि-विधान से उनकी पूजा करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है. ऐसे में जानिए मां कालरात्रि की पूजा की विधि, प्रिय भोग और उन मंत्रों के बारे में, जिनके जाप से भक्त मां की आराधना करते हैं.
मां कालरात्रि की पूजा का महत्व
मां कालरात्रि नवदुर्गा का सातवां स्वरूप हैं. इनका स्वरूप अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कालरात्रि अपने भक्तों को भय, संकट और नकारात्मक शक्तियों से बचाती हैं. इनकी पूजा विशेष रूप से साहस, शक्ति और आत्मविश्वास की प्राप्ति के लिए की जाती है.

नवरात्रि की सप्तमी तिथि पर भक्त सुबह और रात्रि में मां की पूजा-अर्चना करते हैं. इस दौरान माता को पुष्प, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित कर परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की जाती है.
मां कालरात्रि की पूजन विधि
1. स्नान और वस्त्र धारण करें: सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें. पूजा के दौरान मन को शांत रखें और मां कालरात्रि का ध्यान करें.
2. पूजा स्थल को शुद्ध करें: पूजा स्थल की साफ-सफाई करने के बाद गंगाजल छिड़ककर स्थान को पवित्र करें. इसके बाद मां कालरात्रि की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित कर पूजा की तैयारी करें.
3. गणेश और कलश पूजन करें: किसी भी शुभ पूजा की शुरुआत भगवान गणेश के स्मरण से की जाती है. सबसे पहले गणेश जी की पूजा करें. इसके बाद कलश का पूजन कर मां कालरात्रि का ध्यान करें.
4. माता को पुष्प और पूजन सामग्री अर्पित करें: मां कालरात्रि को रोली, अक्षत, गंध, धूप और दीप अर्पित करें. उन्हें लाल रंग के पुष्प चढ़ाकर श्रद्धापूर्वक पूजा करें.
5. गुड़ का भोग लगाएं: धार्मिक मान्यता के अनुसार, मां कालरात्रि को गुड़ का भोग प्रिय है. सप्तमी के दिन माता को गुड़ या गुड़ से बनी मिठाई का नैवेद्य अर्पित किया जा सकता है.
6. मंत्रों का जाप करें: पूजा के दौरान मां कालरात्रि के मंत्रों का जाप करें. इसके बाद माता से परिवार की सुख-शांति, आरोग्य और समृद्धि की प्रार्थना करें.
7. आरती करें: पूजा के अंत में घी या कपूर का दीप जलाकर मां कालरात्रि की आरती करें. श्रद्धा के अनुसार दान-दक्षिणा भी दी जा सकती है.
मां कालरात्रि के पूजा मंत्र
मां कालरात्रि की आराधना के दौरान भक्त इन मंत्रों का जाप कर सकते हैं.
मां कालरात्रि का बीज मंत्र:
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे.
मां कालरात्रि का ध्यान मंत्र:
या देवी सर्वभूतेषु मां कालरात्रि रूपेण संस्थिता.
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः.
आरती और दान: घी या कपूर जलाकर परिवार सहित माता की आरती करें. इसके बाद ब्राह्मणों को दान-दक्षिणा अवश्य दें.
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