Khunti : झारखंड के खूंटी जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जिस व्यक्ति को मृत समझकर परिवार और ग्रामीणों ने पूरे सामाजिक रीति-रिवाज के साथ दफना दिया था, वह करीब एक सप्ताह बाद जिंदा घर लौट आया। घटना के सामने आने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। वहीं, पुलिस अब उस अज्ञात शव की पहचान में जुट गई है, जिसे विश्राम मुंडा समझकर अंतिम संस्कार कर दिया गया था।
शादी में शामिल होने निकला था, फिर हो गया लापता
जानकारी के अनुसार मारंगहादा थाना क्षेत्र के बिरजिला-पतराटोली गांव स्थित अपने ससुराल में रहने वाले विश्राम मुंडा 6 मई को खूंटी के शेम्भूकेल गांव में आयोजित एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए घर से निकले थे। इसके बाद वह वापस नहीं लौटे। कई दिनों तक घर नहीं आने पर परिवार के लोग चिंतित हो गए और उनकी तलाश शुरू की गई। इसी बीच 11 मई को खूंटी थाना क्षेत्र के डड़गामा पीढ़ीटोली गांव के पास एक नाले से पुलिस ने एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद किया। शव की हालत देखकर आशंका जताई गई कि किसी धारदार हथियार से हत्या करने के बाद उसे नाले में फेंक दिया गया था।
पोस्टमार्टम हाउस में की गई पहचान
अज्ञात शव मिलने की सूचना पर विश्राम मुंडा के परिजन और गांव के कुछ लोग पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। वहां शव की पहचान विश्राम मुंडा के रूप में कर ली गई। बताया गया कि शव की कद-काठी और चेहरा काफी हद तक विश्राम मुंडा से मिलता-जुलता था। इसी वजह से किसी को शक नहीं हुआ। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। इसके बाद गांव में सामाजिक परंपराओं के अनुसार अंतिम संस्कार कर शव को दफना दिया गया।
एक सप्ताह बाद अचानक घर पहुंचा विश्राम
मामले ने उस समय नया मोड़ ले लिया, जब अंतिम संस्कार के करीब एक सप्ताह बाद विश्राम मुंडा अचानक खूंटी स्थित अपनी बेटी के किराये के घर पहुंच गए। उन्हें जीवित देखकर परिवार के लोग हैरान रह गए। कुछ देर तक तो किसी को यकीन ही नहीं हुआ कि जिसे मृत मान लिया गया था, वह सामने खड़ा है। घटना की खबर फैलते ही पूरे इलाके में चर्चा शुरू हो गई। गांव के लोग भी विश्राम मुंडा को देखने पहुंचने लगे।
बिना बताए रामगढ़ चला गया था
विश्राम मुंडा ने परिवार को बताया कि वह बिना किसी को सूचना दिए रामगढ़ चले गए थे। इस दौरान उनका मोबाइल संपर्क में नहीं था, जिससे परिवार वालों को उनकी कोई जानकारी नहीं मिल सकी।
ग्रामसभा में जताया गया खेद
घटना के बाद गांव में ग्रामसभा की बैठक भी आयोजित की गई। पंचायत मुखिया प्रेम टूटी ने ग्रामीणों की ओर से हुई गलती पर खेद व्यक्त किया। ग्रामीणों ने कहा कि शव की पहचान समानता के आधार पर की गई थी और किसी को इस तरह की स्थिति की उम्मीद नहीं थी।
अब असली शव की पहचान में जुटी पुलिस
इधर, इस पूरे मामले के बाद पुलिस की जांच की दिशा बदल गई है। अब पुलिस उस अज्ञात शव की दोबारा पहचान कराने में जुट गई है, जिसे विश्राम मुंडा समझकर दफना दिया गया था। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि आखिर मृत व्यक्ति कौन था और उसकी हत्या किसने की। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही अज्ञात शव की पहचान कर पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
Also Read : शादी में दुल्हन का बैग उड़ाने वाला अंतरराज्यीय चोर गिरफ्तार, रांची पुलिस ने मध्य प्रदेश से दबोचा


