Jamshedpur : टाटा स्टील में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाली ग्रेच्युटी को लेकर बड़ा बदलाव सामने आया है। अब ग्रेच्युटी की पूरी राशि टैक्स फ्री नहीं होगी। नए श्रम कानूनों के तहत तय सीमा के अनुसार ही टैक्स छूट मिलेगी, और उससे अधिक राशि पर टैक्स देना होगा।
20 लाख तक ग्रेच्युटी पर राहत
नए नियमों के मुताबिक कर्मचारियों को 20 लाख रुपये तक की ग्रेच्युटी पर टैक्स छूट मिलेगी। लेकिन अगर राशि इससे अधिक होती है, तो अतिरिक्त हिस्से पर टैक्स लागू होगा। इस बदलाव को लेकर कर्मचारियों के बीच चर्चा तेज हो गई है।
1 अप्रैल से लागू होंगे चार नए श्रम कानून
केंद्र सरकार 1 अप्रैल से देश में चार नए श्रम कानून लागू करने जा रही है। इन्हीं कानूनों के तहत वेज कोड, इंडस्ट्रियल रिलेशन कोड और ऑक्यूपेशनल हेल्थ एंड सेफ्टी कोड जैसे प्रावधानों में बदलाव किए गए हैं, जिनका असर अब ग्रेच्युटी व्यवस्था पर भी दिखेगा।
यूनियन की मांग, पूरी ग्रेच्युटी टैक्स फ्री हो
टाटा वर्कर्स यूनियन ने पहले यह मांग रखी थी कि कर्मचारी 35 से 40 साल तक कंपनी को सेवा देते हैं और उनकी ग्रेच्युटी में उनका ही अंशदान शामिल होता है। ऐसे में 20 लाख से ऊपर की पूरी राशि को भी टैक्स फ्री किया जाए।
मंत्रालय का साफ जवाब
इस मुद्दे पर केंद्रीय श्रम मंत्रालय की ओर से साफ कहा गया है कि यह कानून संसद से पास हो चुका है, इसलिए इसमें अभी कोई संशोधन संभव नहीं है। हालांकि भविष्य में नियमावली में बदलाव की गुंजाइश पर विचार किया जा सकता है।
अहम बैठक में हुई चर्चा
इसी मुद्दे पर बुधवार को टाटा स्टील और टाटा वर्कर्स यूनियन के अधिकारी केंद्रीय श्रम मंत्रालय के सचिव स्तर के अधिकारियों से मिले। इस दौरान वेज कोड और अन्य श्रम कानूनों से जुड़े सुझाव और दस्तावेज भी सौंपे गए। बैठक में टाटा वर्कर्स यूनियन के डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश कुमार सिंह, महामंत्री सतीश कुमार सिंह, उपाध्यक्ष शाहनवाज आलम सहित टाटा स्टील के एचआर और अकाउंट्स विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
कर्मचारियों की नजर आगे की नीति पर
नए नियमों के लागू होने के बाद अब कर्मचारियों की नजर इस बात पर टिकी है कि भविष्य में ग्रेच्युटी और टैक्स से जुड़े नियमों में कोई और राहत मिलती है या नहीं।
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