Motihari : मोतिहारी में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने रविवार सुबह एक बार फिर बड़े पैमाने पर छापेमारी की। कार्रवाई चकिया थाना क्षेत्र के कोयला बेलवा गांव में की गई, जहां टीम ने सुबह करीब 4:30 बजे दिवंगत नारायण पाठक के घर पर तलाशी शुरू की। इस दौरान परिवार के सदस्यों से भी पूछताछ की गई। अभियान में चकिया एसडीपीओ, कई थानों की पुलिस टीम और अन्य अधिकारी शामिल थे।
खाते में करोड़ों का लेन-देन, NIA की जांच तेज
सूत्रों के अनुसार, नारायण पाठक की बेटी प्रियंका की शादी नेपाल निवासी धीरज तिवारी से हुई थी। प्रियंका का निधन 2014 में हो चुका है, लेकिन उनकी मृत्यु के बाद भी नारायण पाठक के बैंक खाते से करोड़ों रुपये का लेन-देन होता रहा। NIA को शक है कि इस लेन-देन में हवाला और साइबर फ्रॉड का इस्तेमाल हुआ है। इसी वजह से एजेंसी ने मामले में हस्तक्षेप किया।
नेपाल निवासी धीरज तिवारी गिरफ्तार
NIA की टीम कोयला बेलवा पहुंची और तलाशी के दौरान प्रियंका के पति धीरज तिवारी को गिरफ्तार कर लिया। धीरज नेपाल का निवासी है और दुबई में काम करता है। वह भारत और नेपाल दोनों देशों की नागरिकता रखता है और पिछले एक सप्ताह से अपने ससुराल में ही ठहरा हुआ था। गिरफ्तारी के बाद उसे मोतिहारी स्थित NIA कार्यालय ले जाया जाएगा, जहां उससे विस्तार से पूछताछ की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि उससे कई महत्वपूर्ण खुलासे होने की उम्मीद है।
आदापुर में भी छापेमारी, डिजिटल सबूत बरामद
इसी बीच, आदापुर थाना क्षेत्र में भी दो जगहों पर NIA और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई की। अररा गांव में रुदल पासवान के घर पर तलाशी के दौरान कई दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य मिले, जो जांच में अहम भूमिका निभा सकते हैं। NIA का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआती कार्रवाई है। जांच के दौरान हवाला और साइबर फ्रॉड से जुड़े और नाम सामने आ सकते हैं।
सरकार का सख्त रुख
वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि वित्तीय अपराध सिर्फ व्यक्तिगत नहीं होते, बल्कि क्षेत्र की आर्थिक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हैं। सरकार और जांच एजेंसियां ऐसे मामलों में किसी भी ढिलाई के पक्ष में नहीं हैं। NIA के अधिकारियों ने बताया कि सभी संदिग्धों के बैंक खातों और लेन-देन पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। डिजिटल और बैंकिंग रिकॉर्ड की जांच से गलत तरीके से हुए धन के प्रवाह का पता लगाया जाएगा।
आगे और खुलासे संभव
मोतिहारी में हुई यह कार्रवाई साइबर फ्रॉड, नकली नोट और हवाला जैसे गंभीर मामलों पर सरकार की सतर्कता को दिखाती है। नारायण पाठक के खाते में हुई बड़े पैमाने की हेराफेरी और धीरज तिवारी की गिरफ्तारी से संकेत मिलता है कि अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क भी इसमें शामिल हो सकता है।
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