Assam : झारखंड के सीएम और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के केंद्रीय अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने असम के चराइदेव जिले के सोनारी विधानसभा क्षेत्र स्थित टोवकक पूजा मैदान में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने चाय बागान मजदूरों के शोषण, कम मजदूरी और आदिवासी समाज की पहचान से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि झामुमो अब असम के चाय बागान मजदूरों के हक की लड़ाई मजबूती से लड़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका असम आना केवल राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि चाय बागान क्षेत्र के आदिवासियों, किसानों और मजदूरों के संघर्ष में भागीदार बनने का संकल्प है। उन्होंने जनता को एकजुट होने का आह्वान करते हुए कहा कि अगर समाज संगठित होकर अपनी ताकत पहचान ले, तो सत्ता को झुकना ही पड़ेगा।
₹250 मजदूरी को बताया मजदूरों के साथ मजाक
सीएम हेमंत सोरेन ने चाय बागानों में वर्तमान मजदूरी दर ₹250 प्रतिदिन को बेहद कम बताते हुए कहा कि यह मजदूरों के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि महंगाई के इस दौर में इतनी कम राशि में परिवार चलाना संभव नहीं है। उन्होंने चाय बागान मजदूरों की आर्थिक बदहाली पर चिंता जताते हुए कहा कि मजदूर दिनभर कड़ी मेहनत करते हैं, लेकिन बदले में उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने लायक मजदूरी नहीं मिलती।
चुनावी लालच से बचने की अपील
सीएम सोरेन ने चुनाव के समय किए जाने वाले वादों और छोटी आर्थिक सहायता को लेकर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कुछ लोग चुनाव के समय मजदूरों को पैसे और लालच देकर गुलाम बनाए रखने की कोशिश करते हैं। मुख्यमंत्री ने जनता से अपील करते हुए कहा कि वे चंद रुपयों के बदले अपना भविष्य न बेचें और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करें।

असम के आदिवासी आज भी पहचान के लिए संघर्षरत
मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाल के समय से चाय बागानों में काम कर रहे आदिवासी समाज ने असम को अपना घर बना लिया, लेकिन अब तक उन्हें उनकी पूरी पहचान और अधिकार नहीं मिल सके। उन्होंने कहा कि देश के कई राज्यों में आदिवासियों की पहचान और अधिकार सुरक्षित हैं, लेकिन असम के चाय बागान क्षेत्रों में रहने वाला आदिवासी समाज आज भी राजनीतिक उपेक्षा का शिकार है।
झारखंड का उदाहरण देकर दिया संदेश
सीएम हेमंत सोरेन ने झारखंड का उदाहरण देते हुए कहा कि झारखंड की जनता ने जनविरोधी नीतियों वाली सरकार को सत्ता से हटाकर अपनी अस्मिता की रक्षा की। उन्होंने कहा कि झारखंडी समाज भीख नहीं मांगता, बल्कि संघर्ष करके अपना हक हासिल करना जानता है।
बलदेव तेली को बताया मजबूत प्रतिनिधि
जनसभा में मुख्यमंत्री ने बलदेव तेली को क्षेत्र का मजबूत प्रतिनिधि बताते हुए कहा कि जनता को ऐसे नेतृत्व को आगे बढ़ाना चाहिए जो मजदूरों और आदिवासियों के हक की लड़ाई मजबूती से लड़ सके। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि चाय बागान मजदूर समाज जागे और संगठित होकर अपने अधिकारों की लड़ाई शुरू करे।
सभा में उमड़ी भारी भीड़
टोवकक पूजा मैदान में आयोजित जनसभा में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। सभा में चाय बागान मजदूरों, किसानों और आदिवासी समुदाय की भागीदारी अधिक रही। मुख्यमंत्री के संबोधन के दौरान लोगों में उत्साह और समर्थन देखने को मिला।
एकजुटता पर दिया जोर
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि अगर मजदूर और आदिवासी समाज एकजुट हो जाए तो कोई भी ताकत उनके अधिकारों को दबा नहीं सकती। उन्होंने जनता से संगठित होकर अपने सम्मान, मजदूरी और पहचान के लिए संघर्ष करने की अपील की।
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