Close Menu
Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Johar LIVEJohar LIVE
    • होम
    • जेपीएससी / जेएसएससी
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    • होम
    • जेपीएससी / जेएसएससी
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Home»जोहार ब्रेकिंग»झारखंड से भटककर यूपी के महोबा पहुंच गई थी आदिवासी महिला, पुलिस ने AI की मदद ली और परिवार से मिलवा दिया
    जोहार ब्रेकिंग

    झारखंड से भटककर यूपी के महोबा पहुंच गई थी आदिवासी महिला, पुलिस ने AI की मदद ली और परिवार से मिलवा दिया

    Kanika RanaBy Kanika RanaSeptember 28, 2026Updated:September 28, 2026No Comments3 Mins Read6
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link

    महोबा पुलिस ने एआई तकनीक इस्तेमाल कर झारखंड की भटकी महिला को उसके परिजनों से मिला दिया. 20 सितंबर को खरेला के बल्लायं गांव में भटकी महिला मिली थी, जो अपना नाम-पता नहीं बता पा रही थी. वन स्टॉप सेंटर प्रभारी उप-निरीक्षक शिवांगी गुप्ता ने एआई तकनीक की मदद से उसके टूटे-फूटे शब्दों को विश्लेषित कर झारखंड निवासी हीरा तोपनो के रूप में पहचान की और सकुशल परिजनों के सुपुर्द किया.

    दरअसल, बीती 20 सितंबर को महोबा के थाना खरेला क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बल्लायं में एक अज्ञात महिला के लावारिस हालत में भटकने की सूचना पीआरवी को मिली थी. सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक खरेला और मिशन शक्ति की टीम तत्काल मौके पर पहुंची. महिला को सुरक्षित वन स्टॉप सेंटर लाया गया. महिला मानसिक रूप से असहज थी, जिसके पास न तो कोई पहचान पत्र था और ना ही कोई मोबाइल. वह अपना नाम और पता बताने में भी पूरी तरह असमर्थ थी.

    मामले की गंभीरता को देखते हुए वन स्टॉप सेंटर की प्रभारी उप-निरीक्षक शिवांगी गुप्ता ने संवेदनशीलता दिखाते हुए मोर्चा संभाला. महिला द्वारा बोले जा रहे बेहद टूटे-फूटे शब्दों को ध्यान से समझा गया और आधुनिक एआई तकनीक का सहारा लेकर उन शब्दों और संभावित स्थानों का विश्लेषण किया गया.

    AI तकनीक की मदद से हुई महिला की पहचान

    एआई तकनीक की इस सटीक मदद से आखिरकार महिला की पहचान झारखंड निवासी हीरा तोपनो पत्नी रम्भा तोपनो के रूप में हो सकी. इसके बाद महोबा पुलिस ने झारखंड की स्थानीय पुलिस से संपर्क साधा और महिला के परिजनों को खोज निकाला. महोबा पुलिस से अपनी खोई हुई महिला के सकुशल मिलने की खबर सुनते ही परिजनों के चेहरे खुशी से खिल उठे.

    इस पूरे मामले पर महोबा की एएसपी वंदना सिंह ने बताया, महिला न अपना नाम-पता बता पा रही थी, न उसके पास कोई पहचान पत्र था और न ही मोबाइल फोन. उसे वन स्टॉप सेंटर में रखा गया. सेंटर की प्रभारी उप-निरीक्षक शिवांगी गुप्ता ने उसकी टूटी-फूटी बातों और उसके दिए संकेतों को समझने की कोशिश की. उपलब्ध तकनीकी संसाधनों और एआई तकनीक की मदद से संभावित नामों और जगहों का विश्लेषण किया गया, जिससे यह साफ हुआ कि वह झारखंड की रहने वाली है.

    पुलिस ने महिला को परिजनों के किया सुपुर्द

    परिजनों के महोबा पहुंचने पर कानूनी प्रक्रिया पूरी कर महिला को उनके सुपुर्द कर दिया गया. इतना ही नहीं, महोबा पुलिस ने परिजनों के आने-जाने और सुरक्षित आवागमन की भी पूरी व्यवस्था की. महोबा पुलिस के इस सराहनीय और संवेदनशील कार्य की हर तरफ जमकर तारीफ हो रही है.

    महोबा पुलिस ने तकनीक और मानवीय संवेदनाओं का बेहतरीन तालमेल दिखाते हुए एक बार फिर खाकी का सिर फक्र से ऊंचा कर दिया है. सैकड़ों किलोमीटर दूर झारखंड से भटक कर महोबा पहुंची एक महिला के लिए महोबा पुलिस उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आई और उसे सुरक्षित उसके परिवार तक पहुंचाया.

    Also Read:एशियन गेम्स में महिला हॉकी : मात्र 4 मैच और 59 गोल, कहर बरपा रही भारतीय खिलाड़ी

    #HindiNews #LatestNews artificialinteliigence jharkhand JharkhandNews Mahoba missing newshindi newsupdate Tribal update women
    Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on Instagram Follow on YouTube Follow on WhatsApp Follow on Telegram
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Previous Article‘भारत की कोकिला’ से ‘वॉइस ऑफ द मिलेनियम’ तक, लता मंगेशकर की सुरमयी विरासत को 97वीं जयंती पर सलाम
    Next Article ”निर्भया कांड से तुलना से खुद को रोक नहीं सकते”, दिल्ली-NCR रेप केस पर SC ने लिया स्वतः संज्ञान

    Related Posts

    जेपीएससी / जेएसएससी

    JPSC-JSSC विवाद पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, PGTTCE-2023 को लेकर भी दाखिल हुई हस्तक्षेप याचिका

    September 28, 2026
    झारखंड

    IIIT रांची का नया प्लेसमेंट रिकॉर्ड, छात्र सक्षम को मिला ₹1.25 करोड़ का पैकेज

    September 28, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    ईवीएम से नहीं, बैलेट पेपर से चुनाव होना चाहिए: मायावती

    September 28, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    कोल इंडिया के बोनस का इंतजार, 10 साल में 54 हजार से 1.03 लाख हुआ भुगतान; झारखंड के बाजारों में फिर बरसेगी ‘पूजा की कमाई’

    September 28, 2026
    क्राइम

    जमानत पर बाहर आए ड्रग तस्करों की अब खैर नहीं, स्पेशल ब्रांच ने तैयार किया एक्शन प्लान

    September 28, 2026
    खेल-सिनेमा

    रांची में 9 अक्टूबर को India-West Indies मुकाबला, स्टेडियम पहुंचने से पहले जान लें ये जरूरी बातें

    September 28, 2026
    Latest Posts

    JPSC-JSSC विवाद पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, PGTTCE-2023 को लेकर भी दाखिल हुई हस्तक्षेप याचिका

    September 28, 2026

    IIIT रांची का नया प्लेसमेंट रिकॉर्ड, छात्र सक्षम को मिला ₹1.25 करोड़ का पैकेज

    September 28, 2026

    ईवीएम से नहीं, बैलेट पेपर से चुनाव होना चाहिए: मायावती

    September 28, 2026

    कोल इंडिया के बोनस का इंतजार, 10 साल में 54 हजार से 1.03 लाख हुआ भुगतान; झारखंड के बाजारों में फिर बरसेगी ‘पूजा की कमाई’

    September 28, 2026

    जमानत पर बाहर आए ड्रग तस्करों की अब खैर नहीं, स्पेशल ब्रांच ने तैयार किया एक्शन प्लान

    September 28, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    © 2026 Johar LIVE. | About Us | AdSense Policy | Privacy Policy | Terms and Conditions | Contact Us.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.