रांची: झारखंड विधानसभा में शुक्रवार को वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने 8399 करोड़ 31 लाख 11 हजार रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया. इस दौरान उन्होंने राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) की वार्षिक प्रतिवेदन रिपोर्ट भी सदन के पटल पर रखी और राज्य में बैंकिंग एवं ऋण वितरण से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़े साझा किए.
वित्त मंत्री ने बताया कि पहली बार संसदीय व्यवस्था के तहत वर्ष 2024 में राज्य का क्रेडिट-डिपॉजिट (CD) रेशियो 50.22 प्रतिशत था, जो वर्ष 2026 में बढ़कर 55 प्रतिशत हो गया है. उन्होंने कहा कि यह राज्य में बैंकिंग गतिविधियों और ऋण वितरण में सुधार का संकेत है.
उन्होंने बताया कि राज्य की वार्षिक ऋण योजना 1.73 लाख करोड़ रुपये की है. वहीं, बैंकों में 4.04 लाख करोड़ रुपये की जमा राशि है, जबकि 2.22 लाख करोड़ रुपये का ऋण अग्रिम (Advance) दिया गया है. इसके अनुसार राज्य का क्रेडिट-डिपॉजिट रेशियो 54.27 प्रतिशत है.
वित्त मंत्री ने विभिन्न योजनाओं के तहत ऋण वितरण का भी ब्यौरा दिया. उन्होंने कहा कि गुरुजी क्रेडिट कार्ड योजना के तहत 3,030 लाभुकों को करीब 276 करोड़ रुपये का ऋण दिया गया है.
किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना के तहत राज्य में 13.58 लाख लाभुक हैं और 2,240 करोड़ रुपये के ऋण को स्वीकृति दी गई है.
इसके अलावा सेल्फ हेल्प ग्रुप (SHG) से जुड़े 2.61 लाख लाभुकों को 7,700 करोड़ रुपये के ऋण की स्वीकृति दी गई है.
वित्त मंत्री ने बताया कि एमएसएमई (MSME) क्षेत्र में 52,885 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया है. वहीं प्राथमिक क्षेत्र में 88,705 करोड़ रुपये तथा गैर-प्राथमिक क्षेत्र में 93,862 करोड़ रुपये का ऋण अग्रिम के रूप में वितरित किया गया है.

उन्होंने कहा कि राज्य में ऋण वितरण बढ़ाने और विभिन्न वर्गों तक बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार करने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है.
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