जोहार लाइव ब्यूरो
रांची. झारखंड में चक्रवात अर्नब का असर कमजोर पड़ने के बावजूद मौसम का मिजाज अभी सामान्य नहीं हुआ है. शुक्रवार, 30 अक्टूबर को राजधानी रांची समेत राज्य के कई जिलों में बादल छाये रहने और बारिश होने की संभावना है. मौसम विभाग ने पलामू, गढ़वा, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज में कहीं-कहीं भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. वहीं, इन जिलों में गरज-चमक, वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी आशंका है.
भारत मौसम विज्ञान विभाग के रांची केंद्र की ओर से 29 अक्टूबर को जारी दैनिक मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, 30 अक्टूबर को राज्य के कुछ स्थानों पर मेघ गर्जन के साथ हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है. उत्तर-पश्चिमी झारखंड के पलामू और गढ़वा तथा उत्तर-पूर्वी झारखंड के गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज में मौसम का विशेष असर देखने को मिल सकता है.
रांची में बादल छाये रहेंगे, एक-दो बार होगी बारिश
राजधानी रांची में शुक्रवार को सामान्यतः बादल छाये रहने का अनुमान है. इस दौरान एक-दो बार हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है. मौसम विभाग ने रांची का अधिकतम तापमान 25 डिग्री और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान जताया है.
गुरुवार को राजधानी में अधिकतम तापमान 24.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था. अधिकतम तापमान सामान्य से 3.6 डिग्री कम रहा. पिछले 24 घंटे के दौरान रांची में 26.2 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई.
गुरुवार को कई जिलों में हुई भारी बारिश
चक्रवात अर्नब के प्रभाव से गुरुवार को झारखंड के लगभग सभी हिस्सों में गरज के साथ हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश हुई. कई स्थानों पर भारी बारिश भी दर्ज की गई.
सरायकेला-खरसावां जिले के कुकरू में सबसे अधिक 88.4 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई. इसके अलावा पूर्वी सिंहभूम के चाकुलिया में 82.6, मुसाबनी में 78.6, पश्चिमी सिंहभूम के चाईबासा सदर में 78.4 और पूर्वी सिंहभूम के घाटशिला में 76.4 मिलीमीटर बारिश हुई.
वहीं, डुमरिया में 76, गुड़ाबांदा में 71.4, धालभूमगढ़ में 69.8 और सरायकेला-खरसावां के नीमडीह में 67.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. बारिश के कारण राज्य के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है.
कमजोर पड़ा चक्रवात अर्नब, अब कम दबाव के क्षेत्र में बदलेगा
मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवाती तूफान अर्नब के अवशेष से बना अवदाब 29 अक्टूबर की सुबह दक्षिण छत्तीसगढ़ और उससे सटे दक्षिण ओडिशा के ऊपर केंद्रित था. यह पिछले छह घंटों में 18 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर की ओर बढ़ा.
मौसम विभाग के अनुसार, 29 अक्टूबर की शाम तक उत्तर छत्तीसगढ़ और उससे सटे उत्तर-पश्चिमी ओडिशा के ऊपर एक स्पष्ट कम दबाव के क्षेत्र में कमजोर हो गया.
इसके अलावा दक्षिण अंडमान सागर और आसपास के क्षेत्र में भी एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है. इसके अगले 24 घंटों में और मजबूत होकर स्पष्ट कम दबाव का क्षेत्र बनने तथा उसके बाद बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में अवदाब में बदलने की संभावना जताई गई है.

