Ranchi : झारखंड आंदोलन के प्रणेता और महान न्यायविद जस्टिस एल.पी.एन. शाहदेव की 14वीं पुण्यतिथि शनिवार को रांची में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर राज्य की राजनीति, समाज और आंदोलन की सभी धाराओं के लोग एक मंच पर दिखाई दिए। रांची स्थित सूचना भवन के सामने जस्टिस एल.पी.एन. शाहदेव चौक पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी, चंपई सोरेन, केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, मंत्री सुदीव सोनू, भाजपा प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष आदित्य साहू सहित सभी बड़े नेता, सामाजिक कार्यकर्ता और आंदोलनकारी उपस्थित रहे। उन्होंने जस्टिस शाहदेव को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी या संदेश भेजकर सम्मान प्रकट किया।
कार्यक्रम की शुरुआत जस्टिस शाहदेव के परिवार द्वारा श्रद्धांजलि अर्पित करने से हुई। उनकी ज्येष्ठ पुत्री संगीता सिंह, दामाद रतन कुमार, कृति सिंह, पुत्र प्रतुल शाहदेव, पुत्रवधू डॉ. विद्या झा शाहदेव और पौत्र शौर्य प्रताप शाहदेव ने सबसे पहले पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।
झारखंड आंदोलन को अपनी बौद्धिक ऊर्जा से मजबूती दी : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा, “जस्टिस एल.पी.एन. शाहदेव ने न्यायपालिका में रहते हुए भी झारखंड आंदोलन को अपनी बौद्धिक ऊर्जा से मजबूती दी। वे किसी दल की सीमाओं में नहीं बंधे, बल्कि झारखंड की आत्मा के लिए लड़े। आने वाली पीढ़ियों को उनके दिखाए मार्ग पर चलना चाहिए।”
जस्टिस शाहदेव ने झारखंड अलग राज्य आंदोलन को नई ऊर्जा दी : पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी
भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने कहा, “जस्टिस शाहदेव ने झारखंड अलग राज्य आंदोलन को नई ऊर्जा दी। सेवानिवृत्ति के बाद भी वह आंदोलन में सक्रिय रहे और जो लोग अलग राज्य के पक्ष में नहीं थे, उन्हें भी मार्गदर्शन दिया।”
जस्टिस शाहदेव की भूमिका ऐतिहासिक रही : मंत्री सुदीव सोनू
मंत्री सुदीव सोनू ने कहा, “अलग झारखंड राज्य के गठन में जस्टिस शाहदेव की भूमिका ऐतिहासिक रही। उन्होंने आंदोलन को नई दिशा दी और उनकी सेवाओं के लिए झारखंड की पीढ़ियां सदैव उनका ऋणी रहेंगी।”
बुद्धिजीवी और माटी से जुड़े व्यक्ति थे : पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन
चंपई सोरेन ने जस्टिस शाहदेव को झारखंड आंदोलन का रणनीतिकार बताते हुए कहा, “वे बुद्धिजीवी और माटी से जुड़े व्यक्ति थे। उनके दिखाए मार्ग पर हम सभी को चलना चाहिए।”
मंच पर झारखंड अलग राज्य की आवाज उठाई : केंद्रीय मंत्री संजय सेठ
केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा, “जस्टिस शाहदेव के बिना झारखंड आंदोलन की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने हर मंच पर झारखंड अलग राज्य की आवाज उठाई।”
आदिवासी-मूलवासी के अधिकारों के लिए जीवन भर संघर्ष किया : भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू
आदित्य साहू ने कहा, “जस्टिस शाहदेव ने आदिवासी-मूलवासी के अधिकारों के लिए जीवन भर संघर्ष किया। वे झारखंड आंदोलन को बौद्धिक दिशा देने के साथ-साथ समाज के दुख-सुख में हमेशा शामिल रहते थे।”
नेतृत्व ऐतिहासिक रहा : विधायक सी.पी. सिंह
रांची के विधायक सी.पी. सिंह ने कहा, “झारखंड आंदोलन की निर्णायक लड़ाई में जस्टिस शाहदेव का नेतृत्व ऐतिहासिक रहा। उनका नाम सदैव जीवित रहेगा।”
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में भाजपा, कांग्रेस, आजसू, राजद, जदयू सहित सभी प्रमुख दलों के नेता, शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम में उपस्थित सभी ने राजनीति से ऊपर उठकर कहा कि “जस्टिस एल.पी.एन. शाहदेव झारखंड की आत्मा थे और हमेशा रहेंगे।” इस अवसर पर गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद, भाजपा रांची महानगर अध्यक्ष वरुण साहू, कांग्रेस प्रवक्ता किशोर नाथ शाहदेव, जेडीयू प्रवक्ता सागर कुमार सहित सैकड़ों लोग पहुंचे और जस्टिस शाहदेव को भावभीनी श्रद्धांजलि दी।


