JPSC-JSSC समेत विभिन्न परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ 10 अगस्त को हुए विधानसभा घेराव मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है. विधानसभा थाना में अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास समेत गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है. पुलिस अब वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपियों को चिह्नित कर रही है.
कई पुलिसकर्मी हुए घायल
राजस्व उप निरीक्षक मो. नेशात अहमद के आवेदन पर दर्ज प्राथमिकी में बैरिकेड तोड़ने, पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की, ईंट-पत्थर और पानी की बोतलों से हमला करने तथा सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाए गए हैं. पुलिस के अनुसार हमले में कई जवान घायल हुए, जिनमें आरक्षी फाल्गुनी यादव के सिर में गंभीर चोट आई.
पुलिस का दावा है कि प्रदर्शनकारियों को बार-बार समझाया गया, लेकिन कुछ लोग बैरिकेड तोड़कर नए विधानसभा की ओर बढ़ते रहे. स्थिति बिगड़ने पर वाटर कैनन और नियंत्रित मात्रा में अश्रु गैस का इस्तेमाल किया गया. भीड़ के विधानसभा गेट नंबर-1 तक पहुंचने और पुलिस टेंट उखाड़ने के
प्रयास का भी प्राथमिकी में उल्लेख है.
हत्या के प्रयास समेत 12 धाराओं में केस
विधानसभा थाना कांड संख्या 61/26 में BNS की धारा 109, 115(2), 117(2), 121, 132, 189, 190, 191(2), 221, 223, 285 और 352 लगाई गई हैं. मामले की जांच SI आनंद पंडित कर रहे हैं.
भाजपा ने कार्रवाई पर उठाए सवाल
वहीं, भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कार्रवाई को लेकर सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने बर्बर कार्रवाई की और अब उन्हीं पर हत्या के प्रयास का मुकदमा किया जा रहा है. हालांकि, प्राथमिकी में किसी छात्र का नाम आरोपी के तौर पर दर्ज नहीं है. पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही घटना में शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट होगी.
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