वसीम अख्तर
लातेहार जिला के महुआडांड़ प्रखंड के परहाटोली पंचायत स्थित सुदूर दातुखाड़ गांव में मूलभूत सुविधाओं की स्थिति बदहाल है. सड़क और पुल के अभाव में सोमवार को करीब 30 वर्षीय सिम्पल कोरवा को बीमारी की गंभीर स्थिति में ग्रामीणों ने खटिया पर लादकर करीब पांच किलोमीटर तक ढोया. इस दौरान उदालखाड़ नदी को दो बार पार करना पड़ा. मुख्य सड़क तक पहुंचने के बाद मरीज को ऑटो से अस्पताल ले जाया गया.
सिम्पल कोरवा करीब दो महीने से बवासीर से पीड़ित हैं. सोमवार को दर्द बढ़ने पर उनकी हालत बिगड़ गयी. गांव तक वाहन पहुंचने का रास्ता नहीं होने के कारण परिजनों को ग्रामीणों की मदद लेनी पड़ी. प्रकाश कोरवा, लालसाय कोरवा, सचिन कोरवा, झमनसाय कोरवा, अमित कोरवा और सिमत कोरवा समेत ग्रामीणों ने खटिया के सहारे मरीज को मुख्य सड़क तक पहुंचाया.
सिम्पल की पत्नी सुगीता कोरवाइन ने बताया कि गांव में न पक्की सड़क है और न उदालखाड़ नदी पर पुल. बीमारी या आपात स्थिति में मरीज को इसी तरह खटिया पर ढोकर सड़क तक ले जाना पड़ता है. बरसात में नदी का जलस्तर बढ़ने से परेशानी और बढ़ जाती है.
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पांच साल से बंद है जलमीनार
दातुखाड़ इलाके में पेयजल की स्थिति भी गंभीर है. ग्रामीणों के अनुसार गांव का जलमीनार करीब पांच वर्षों से खराब है. मरम्मत नहीं होने के कारण ग्रामीण नदी के पानी पर निर्भर हैं. उनका कहना है कि साफ पानी उपलब्ध नहीं होने से बीमारी का खतरा बना रहता है. ग्रामीणों के अनुसार गांव में अब तक बिजली के खंभे तक नहीं लगाए गए हैं. इससे बच्चों की पढ़ाई समेत रोजमर्रा के काम प्रभावित होते हैं. ग्रामीणों को मोबाइल चार्ज करने जैसी जरूरतों के लिए भी दूसरे स्थानों पर निर्भर रहना पड़ता है.
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में नियमित स्वास्थ्य शिविर नहीं लगता और स्वास्थ्यकर्मियों की पहुंच भी नियमित नहीं है. ऐसे में सामान्य बीमारी के इलाज के लिए भी उन्हें दूर जाना पड़ता है. गंभीर मरीजों के लिए सड़क का अभाव सबसे बड़ी बाधा बन जाता है.
मजदूरी और खेती पर निर्भर परिवार
गांव के अधिकांश परिवार मजदूरी और खेती पर निर्भर हैं. आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण निजी वाहन से मरीज को अस्पताल ले जाना भी मुश्किल है. सड़क नहीं होने से वाहन गांव तक पहुंच नहीं पाता और खटिया ही मरीज को मुख्य सड़क तक पहुंचाने का सहारा बनती है.
ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क निर्माण, उदालखाड़ नदी पर पुल-पुलिया, खराब जलमीनार की मरम्मत, स्वच्छ पेयजल, बिजली की व्यवस्था और नियमित स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि इन बुनियादी सुविधाओं के अभाव में दातुखाड़ के लोगों का जीवन आज भी बेहद कठिन परिस्थितियों में गुजर रहा है.
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